नई दिल्ली - केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) केंद्र सरकार का एक प्रमुख इंजीनियरिंग संगठन है, ने देश की सेवा के 160 साल पूरे कर लिए हैं। इसका 160वां वार्षिकोत्सव कल नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में मनाया जाएगा।
भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, सीपीडब्ल्यूडी के वार्षिकोत्सव में शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इस अवसर पर केंद्रीय शहरी विकास, आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री एम. वेंकैया नायडू भी सीपीडब्ल्यूडी की 160 साल की लंबी यात्रा के उद्भव एवं विकास को याद करने के लिए आयोजित होने वाले समारोह में मौजूद रहेंगे। इस दौरान एक लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड, 8 महानिदेशक मेडल्स और सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं के लिए 12 प्रशस्ति-पत्र दिए जाएंगे।
सीपीडब्ल्यूडी की स्थापना 12 जुलाई 1854 को की गई थी। इस विभाग को देश की आजादी के बाद बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में अन्य भारी निर्माण कार्यों के अलावा राष्ट्रपति भवन, नार्थ और साउथ ब्लॉक, संसद भवन, लुटियंस दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित भवनों को बनाने का श्रेय प्राप्त है। वर्ष 2013-14 में सीपीडब्ल्यूडी ने 10,000 करोड़ रुपए की लागत से कार्य संपन्न कराए। गांधीनगर, भुवनेश्वर, मंडी, पटना, जोधपुर में भारतीय तकनीकी संस्थान (आईआईटी), विभिन्न राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालयों, नई दिल्ली में संसद एनेक्सी भवन और सुप्रीम कोर्ट भवन का विस्तार इत्यादि बड़े निर्माण कार्य प्रगतिशील स्थिति में हैं।
सीपीडब्ल्यूडी के सभी निर्माण कार्यों में ‘ग्रीन फीचर्स’ को अपनाया जा रहा है। वह अपनी अधिसंख्य परियोजनाओं को न्यूनतम थ्री-स्टार ‘गृह’ रेटिंग के मानक पर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उसने कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-गवर्नेंस, वेब पर आधारित निगरानी तंत्र, ठेकेदारों का ऑनलाइन पंजीकरण, ई-टेंडरिंग और सभी कार्यों के रख-रखाव के लिए कॉल सेंटरों की स्थापना जैसे सुधार किए हैं।
वर्तमान में सीपीडब्ल्यूडी में कुल 32,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसमें 5,400 सिविल इंजीनियर, 2,100 इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियर, 360 वास्तुविद और 170 उद्यान विशेषज्ञ शामिल हैं।