युवा मामले और खेल मंत्री जितेन्द्र सिंह ने इंदिरा गांधी खेल परिसर में आज भारतीय खेल प्राधिकरण की राष्ट्रीय साइक्लिंग अकादमी की शुरूआत की। इस अकादमी की स्थापना भारतीय खेल प्राधिकरण की शासी निकाय की 42वीं बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार की गई है। अकादमी को सर्वश्रेष्ठ बनाने के साथ-साथ वित्तीय रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
इस अवसर पर अपने संबोधन में खेल मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि अकादमी सब-जूनियर और जूनियर स्तर पर युवा प्रतिभाओं की पहचान और प्रशिक्षण देने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयारी कर रहे प्रमुख खिलाडि़यों के प्रशिक्षण का काम भी करेगी।
सिंह ने कहा कि विश्व स्तरीय सुविधाओं वाली अकादमी में एक जिम्नेजि़यम और साइकिल के लिए पूर्ण रूप से युक्त कार्यशाला जैसे नवीनतम तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि अकादमी के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति देश और विदेश दोनों से की जाएगी।
अकादमी की स्थापना के बाद दूसरे चरण में भारतीय खेल प्राधिकरण यूसीआई के एजि़ल (स्विट्ज़रलैंड) स्थित विश्व साइकिलिंग केन्द्र के प्रशिक्षकों से समय – समय पर प्रशिक्षण तकनीक में सहायता लेने और इसे यूसीआई विश्व साइकिलिंग केन्द्र के सेटेलाइट केन्द्र में बदलने का प्रयास करेगा।
अकादमी के पूर्ण रूप से कार्य शुरू करने के बाद यहां स्थित सुविधाओं को दूसरे देशों के खिलाडि़यों के प्रशिक्षण के साथ-साथ अभ्यास सत्र के लिए भी खोला जाएगा, जिससे अकादमी राजस्व अर्जित कर आत्मनिर्भर हो सके। आशा की जाती है कि अधिकतर एशियाई देश, जिनके पास इंडोर ट्रैक सुविधाएं नहीं हैं, वह अकादमी में भुगतान आधार पर प्रशिक्षण लेंगे और इससे लंबे समय में अकादमी को आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा।