केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कन्वर्जेंस ब्लॉक तथा नि:शुल्क जेनेरिक औषधालय का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बोलते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि नई दिल्ली में एम्स ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 9,000 से 10,000 मरीजों का इलाज किया जाता है। इनमें से कई दवाईयां खरीदने के लिए भी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह जेनेरिक औषधालय ऐसे मरीजों को नि:शुल्क दवाईयां उपलब्ध कराएगा। यह अनुमान है कि इस औषधालय से प्रतिदिन लगभग 4,000 मरीजों को लाभ पहुंचेगा। आजाद ने कहा कि इन नि:शुल्क जेनेरिक दवाओं पर प्रत्येक माह लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसका भार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उठाया जाएगा।
मंत्री महोदय ने कहा कि नए कन्वर्जेंस ब्लॉक में जैव-विज्ञान, शरीर रचना विज्ञान, बॉयो-केमिस्ट्री, फिजीयोलॉजी, औषधविज्ञान तथा पैथोलॉजी जैसे विभिन्न विभागों के संकाय भी होंगे। इसमें कक्षाएं, प्रयोगशालाएं तथा शौध इकाइयों के साथ-साथ एक ज्ञान केन्द्र भी होगा। यह कन्वर्जेंस ब्लॉक 50 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें 10 मंजिलें तथा 2 बेसमेन्ट हैं। इसका कुल क्षेत्रफल 18463 वर्ग मीटर है। उन्होंने कहा कि इस इमारत का डिजाइन ऊर्जा की बचत के नियमों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।
आजाद ने यह भी कहा कि पिछले 5 सालों के दौरान मंत्रालय ने देशभर में स्वास्थ्य देख-भाल की संरचना को बढ़ाने और इससे तालमेल बिठाने के लिए सभी स्तरों पर मानव संसाधनों को भी मजबूत बनाने के लिए कई निर्णय लिये हैं। इससे एमबीबीएस सीटों में करीब 55 प्रतिशत तथा एमडी सीटों में करीब 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मंत्री महोदय ने बताया कि मंत्रिमंडल ने पिछले साल 71 नए कैंसर संस्थान बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही कोलकता में कैंसर संस्थान में एक नये परिसर के साथ इसका विस्तार किया जाएगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव लव वर्मा, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. एम. सी. मिश्रा, अपर सचिव सी. के. मिश्रा और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के संकाय के शिक्षक तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।