विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी कि कैलाश मानसरोवर यात्रा-2014 की घोषणा पहले ही कर दी है, जो 8 जून से 9 सितम्बर, 2014 तक 18 बैचों में आयोजित की जाएगी, प्रत्येक बैच में अधिकतम 60 यात्री होंगे। ऑनलाइन आवेदन के प्रिंट आउट तथा पेपर आवेदन प्रस्तुत करने के लिए अंतिम समय सीमा 10 मार्च 2014 है।
पिछले तीन वर्षों के दौरान विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों का वर्ष-वार विवरण इस प्रकार है:-
वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या
2011 761 (16 बैचें)
2012 774 (16 बैचें)
2013 53 (यात्रा रद्द होने के कारण सिर्फ 1 बैच)
पिछले वर्ष भारत की सीमा में यात्रा का मुख्य मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो गया था, जिसके कारण प्रथम दल के बाद यात्रा-2013 रद्द करनी पड़ी थी। उत्तराखंड प्राधिकारियों के अनुसार 2014 की यात्रा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जारी रहेगी।
भारत सरकार कैलाश-मानसरोवर के लिए वैकल्पिक मार्ग खोलने के मुद्दे पर चीन सरकार के साथ चर्चा करती ही है। चीनी पक्ष इस आधार पर वैकल्पिक मार्ग खोलने में कठिनाई दर्शाता रहा है कि इसमें उनकी सीमा में कठिन तराइयों के मध्य में सड़कों की बुरी स्थिति तथा आवास एवं संचार के लिए उचित ढांचे के अभाव के साथ लंबी दूरी तक यात्रा करनी पड़ेगी।
भारत सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा तथा संभार तंत्र के लिए कारगर व्यवस्था की है। विदेश मंत्रालय प्रत्येक दल के लिए एक संपर्क अधिकारी नियुक्त करेगा, जो अपने दल के यात्रियों की सुरक्षा तथा देख-रेख के लिए उत्तरदायी होगा। संपर्क अधिकारी को किसी आपातकालीन स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए तथा संबंधित भारतीय अधिकारियों के संपर्क में रहने के लिए एक सैटेलाइट फोन प्रदान किया जाएगा। चिकित्सीय आकस्मिकता के लिए हैलीकॉप्टर द्वारा तीर्थ यात्रियों को वापस भेजने का प्रावधान भी किया जाएगा। आईटीबीपी तथा उत्तराखंड की राज्य सरकार भारतीय सीमा में यात्रियों को सुरक्षा कवच तथा आधारिक चिकित्सा सहायता प्रदान करेगी।