राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज संसद भवन के केंद्रीय हॉल में केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष के फोटो तथा लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष के छाया चित्रों का अनावरण किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संसद हमारे लोकंतत्र की गंगोत्री है। यह भारत के करोड़ों लोगों की इच्छा और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है तथा सरकार और लोगों को जोड़ती है। यदि गंगोत्री प्रदूषित होती है तो गंगा और उसकी सहायक नदियां दूषित हुए बिना रह सकती हैं। अत: सभी सांसद लोकतंत्र के उच्चतम मानदंडों तथा संसदीय कार्य प्रणाली को बनाये रखें।
राष्ट्रपति ने कहा कि संसद का प्रमुख कार्य कानून बनाना तथा लोगों को सभी मंचों सामाजिक, आर्थिक तथा राजनैतिक तौर पर सशक्त करना है। कानून की वैधता चाहे वह केंद्रीय हो या राज्य इसकी जांच जैसा कि संसद में परिभाषित किया गया है न्यायपालिका द्वारा की जाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी संसद ने सभी विकसित प्रक्रियाओं और प्रणालियों को आत्मसात किया है। हमारी संसदीय कार्य प्रणाली तथा अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि सरकार, राजनीतिक दल, उनके नेता तथा सांसद, सभी भागीदार आत्मविश्लेषण करें तथा संसदीय परंपराओं तथा नियमों का पालन करें।