केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ0 एम.एम. पल्ल्म राजू ने आज कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के लिए अल्पससंख्य्कों के शैक्षिक विकास संबंधी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं। इन योजनाओं में कौशल विकास से जुड़ी ‘हुनर’ नामक योजना के अंतर्गत 978 करोड़ रूपये की लागत से 9.20 लाख अल्प संख्यीक बालिकाओं को लाभांवित करने का विचार है। वयस्क शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के एक करोड़ मुस्लिम वयस्कों के लिए मौलाना आजाद तालीम-ए-बालिगान नामक एक नई योजना तैयार की जा रही है। इस पर 12वीं योजना में 600 करोड़ रूपये का खर्च प्रस्तावित है।
राजू आज यहां अल्पवसंख्यजकों की शिक्षा से सम्बद्ध राष्ट्रीय निगरानी समिति की वार्षिक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि शैक्षिक रूप से पिछड़े मुस्लिम बहुल कस्बों और जिलों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, बालिका/ महिला छात्रावास, ड्रिग्री कॉलेज और पॉलीटेक्निक शिक्षा संस्थागनों को मिलाकर शैक्षिक केंद्र स्थालपित करने की एक अन्या नई योजना भी शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि पिछले सात-आठ वर्षों में अल्पुसंख्यचकों में शिक्षा को बढावा देने के सरकारी प्रयासों के परिणाम स्वसरूप प्राथमिक स्कूलों में 2012-13 में मुस्लिम छात्रों की संख्या देश में मुस्लिम जनसंख्याम के अनुपात की तुलना में अधिक हो गई है। 12वीं पंचवर्षीय योजना में हम 378 नए जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना करने जा रहे हैं। इनमें से 196 विद्यालय अल्प संख्यक बहुल जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मदरसों में गुणवत्ताथपूर्ण शिक्षा की योजना के अंतर्गत 2009-10 में 1979 मदरसे कवर किए गए थे जबकि 2012-13 में 9905 मदरसे कवर किए गए।