केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनन्द शर्मा ने कहा है कि 2014 में अर्थवयस्था में और सुधार होगा। 2013 में, विश्व में भारत को विश्व में निवेश के लिए सर्वाधिक पसंदीदी देश का दर्जा दिया गया था। नागरिक उड्डयन, खुदरा एवं टेलीफोन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में यूपीए सरकार द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति को उदार बनाने के ठोस निर्णयों से विश्व समुदाय करीब आया। पिछले कुछ महीनों में इसके परिणाम भी सामने आए। आगामी सप्ताहों में सरकार अपनी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की नीति को उदार बनाये रखने का प्रयास जारी रखेगी जिससे कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने में इसकी स्थिति अग्रणी बनी रहे। शर्मा ने बताया की निर्माण तथा औद्यौगिक क्षेत्र में भी सुधार हो रहा है। सरकार द्वारा राजकोषीय और चालू खाता क्षेत्र में उठाये गए कदमों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विदेशी निवेश तथा प्रौद्योगिक सहयोग से भारत निर्माण क्षेत्र में विश्व में प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।
निर्यात क्षेत्र में भी सुधार हुआ है। चालू वित्त वर्ष के पहले आठ माह में निर्यात 204 बिलियन अमरीकी डॉलर का हुआ है और इसमें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 6 प्रतिशत व़ृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार व्यापार घाटा भी पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 129 बिलियन अमरीकी डॉलर की तुलना में घटकर 99.9 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में निर्यात में और वृद्धि होगी ।