नई दिल्ली - पंचायती राज मंत्रालय और ओडिशा के पंचायती राज विभाग के ग्रामीण विकास राज्य संस्थान ने संयुक्त रूप से 2 दिसम्बर 2013 को भुवनेश्वर में ''पंचायतों के सशक्तिकरण'' पर तीन स्तरीय पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ एक राज्य स्तर की सलाहकार कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला का उद्धेश्य पंचायती राज संस्थानों को सक्षम स्थानीय प्रशासन व्यवस्था के साथ प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाते हुए मजबूती प्रदान करना है। कार्यशाला में खासतौर पर ग्रामसभा, इसकी न्यायसभा, महिलाओं और गैर-लाभान्वित समूहों की भागीदारी, विशेष ग्रामसभा के अलावा शक्तियों का हस्तांतरण, पीईएसए अधिनियम और वन-अधिकार अधिनियम, पंचायती चुनाव, एसएफसी के साथ-साथ पंचायतों के सशक्तिकरण की दिशा में भविष्य में की जाने वाली तैयारियों में होने वाली प्रमुख कमियों जैसे मुद्दों पर खास ध्यान दिया गया।
संपूर्ण राज्य से ग्राम पंचायतों के वार्ड सदस्यों से लेकर जिला परिषदों के अध्यक्षों में पीआरआई के चुने गए 60 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। प्रतिनिधियों ने ग्रामसभा, पल्लीसभा, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में पीआरआई की भूमिका, पीआरआई स्तर पर स्थानीय क्षेत्र विकास अनुदान की आवश्यकता का प्रावधान, विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में पीआरआई की भूमिका, वन अधिकार अधिनियम और पीईएसए अधिनियम का प्रभावी कार्यान्यवन के अलावा शौचालय सुविधाओं, आजीविका अवसरों के अलावा घटते बाल-लिंग अनुपात जैसे विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।