मुंबई। शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे के निधन के बाद पार्टी के खाली पड़े अध्यक्ष पद की कुर्सी को भरने के लिए आज बाला साहब के बेटे और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की ताजपोशी की गई। उद्धव की ताजपोशी शिवसेना के अध्यक्ष पद के तौर पर की गई। सुबह तकरीबन 11 बजे शिवसेना भवन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसमत्ति के साथ उद्धव ठाकरे को पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया गया। पार्टी ने पहले से ही उद्धव ठाकरे की ताजपोशी के लिए बाला साहब के जन्मदिन को चुना था।
आज बाला साहब के 87वें जन्मदिन पर उद्धव ठाकरे की पार्टी अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी की गई। शिवसेना के कार्यकारिणी की बैठक में तकरीबन 200 से ज्यादा पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिसमें राज्य प्रमुख, सांसद, जिला प्रमुख समेत पार्टी के कार्यकर्ता शामिल थे। शिवसेना प्रमुख और दिवंगत नेता बाला साहब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे ने पहले ही घोषणा की थी कि भले ही वो पार्टी के अध्यक्ष चुने जा रहे हो लेकिन शिवसेना प्रमुख का ताज हमेशा बाला साहब के सर पर ही होगा। कहने का मतलब यह है कि पार्टी की कमान संभालने के बाद भी उद्धव ठाकरे शिवसेना प्रमुख नहीं कहलाए जाएंगे।
ये निर्णय उद्धव ठाकरे ने खुद अपने पिता और शिवसेना के संस्थापक बाला साहब ठाकरे के सम्मान में लिया था। शिवसेना की इस कार्यकारिणी बैठक में उद्धव ठाकरे के साथ-साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे की भी जिम्मेदारियां बढ़ाई गई। आदित्य को शिवसेना के युवा मोर्चे की कमान दी गई है। आदित्य ठाकरे को ये जिम्मेदारी देने के साथ ही उन्हें पार्टी की मु्ख्यधारा के साथ जोड़ दिया गया है। आदित्य को युवा कमान देने के पीछे शिवसेना की महत्वकांक्षा है कि शिवसेना की पहचान युवा पार्टी के तौर पर बनी। उनका सोचना है कि जिस तरह बाला साहब के एक हुंकार पर हजारों युवा सड़क पर उतर जाते थे ठीक उसी तरह आदित्य भी युवाओं का नेतृत्व कर उन्हें पार्टी से जोड़े रखें। www.oneindia.in