सीएसआईआर महानिदेशक डॉ कलैसेल्वी ने किया वर्चुअल उद्घाटन
सीबीआरआई, रुड़की द्वारा विकसित “क्लाइमेट रेजिलिएंट बिल्डिंग टेक्नोलॉजी” के उपयोग से हुआ भवन निर्माण
पिलानी - सीएसआईआर–केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर–सीरी), पिलानी में नवनिर्मित जलवायु अनुकूल भवन (क्लाइमेट रेज़िलिएंट बिल्डिंग) का उद्घाटन डॉ. एन. कलैसेल्वी, सचिव, डीएसआईआर एवं महानिदेशक, सीएसआईआर द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. कलैसेल्वी ने सीएसआईआर–सीरी एवं सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर–सीबीआरआई), रुड़की के निदेशकों तथा परियोजना टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने निर्धारित समय में इस भवन के पूर्ण होने को सीएसआईआर की मिशन मोड परियोजनाओं की एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। सीरी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएसआईआर–सीबीआरआई, रुड़की के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, सीरी निदेशक डॉ पी सी पंचारिया, सीबीआरआई के वैज्ञानिक अजय चौरसिया एवं आशीष पीपल सहित संस्थान के सहकर्मी उपस्थित थे।
सीएसआईआर–सीबीआरआई, रुड़की के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने सीआरबी परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि देश को जलवायु परिस्थितियों के आधार पर पाँच क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है और प्रत्येक क्षेत्र के अनुरूप सीआरबी टेक्नोलॉजी की सहायता से जलवायु अनुकूल भवन विकसित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सीएसआईआर–सीरी में क्षेत्र की गर्म एवं शुष्क जलवायु के अनुरूप यह भवन निर्मित किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर लेह, चेन्नई, रुड़की आदि में वहाँ तैयार किए गए ऐसे भवनों का उल्लेख करते हुए अपनाई गई निर्माण तकनीक को कम लागत वाली, ऊर्जा दक्ष और जलवायु-संवेदनशील बताया।
इससे पूर्व कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर–सीरी के निदेशक डॉ. पी. सी. पंचारिया ने स्वागत भाषण में कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच ऐसे भवन भविष्य की आवश्यकता हैं और यह संस्थान के सतत विकास के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने भवन निर्माण में संस्थान की सिविल टीम के प्रयासों की सराहना की।
इसके उपरांत डॉ श्रीवास्तव एवं डॉ पंचारिया ने सीरी संस्थान के वैज्ञानिकों एवं अन्य सहकर्मियों के समक्ष भवन का औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम का समन्वयन पीएमई प्रमुख प्रमोद तँवर ने किया।