टॉनबो इमेजिंग प्रा. लि. से हुआ एक करोड़ रुपये का करार
देश की तकनीकी संप्रभुता को सुदृढ करने की दिशा में निर्णायक होगा यह करार
पिलानी, 12 दिसम्बर 2025, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने तथा भारत की रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में सीएसआईआर–केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर–सीरी), पिलानी और टॉन्बो इमेजिंग इंडिया प्रा. लि. के बीच ₹1 करोड़ मूल्य के उच्च-शक्ति स्वदेशी मैग्नेट्रॉन के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।
समारोह में टॉन्बो इमेजिंग इंडिया प्रा. लि. की ओर से श्री अरविंद लक्ष्मी कुमार, को-फाउंडर एंड सीईओ तथा श्री अंकित कुमार, को-फाउंडर एंड चीफ रेवेन्यु ऑफीसर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ-साथ कार्यक्रम में कुल पाँच अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि - यू ए ई (2), कोलंबिया (2) तथा बेलारूस (1) भी शामिल हुए, जो इस तकनीक की वैश्विक प्रासंगिकता और अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक सहयोग की एक सशक्त मिसाल प्रस्तुत करते हैं। सीएसआईआर–सीरी की ओर से कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ पी सी पंचारिया एवं डॉ. नीरज कुमार, प्रमुख, प्रौद्योगिकी एवं व्यवसाय विकास समूह भी उपस्थित रहे।
हस्तांतरित की जा रही उच्च-शक्ति मैग्नेट्रॉन तकनीक सीरी के वैक्यूम इलेक्ट्रॉन डिवाइस समूह द्वारा पूर्णत: इन-हाउस डिजाइन, विकसित और प्रमाणित की गई है। यह तकनीक हस्तांतरण न केवल मैग्नेट्रॉन के व्यावसायिक उत्पादन का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि उन महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों में देश की आयात-निर्भरता को कम करेगा जिनमें उच्च-शक्ति माइक्रोवेव स्रोतों की आवश्यकता होती है। यह पहल स्वदेशी अनुसंधान, उद्योग सहयोग और तकनीकी नवाचार के नए द्वार खोलते हुए भारत को वैश्विक मंच पर और अधिक सक्षम बनाएगी।
गौरतलब है कि सीएसआईआर–सीरी, वैक्यूम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, सेमीकंडक्टर तकनीक और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के क्षेत्र में 69 वर्षों से राष्ट्रीय की प्रमुख अनुसंधान प्रयोगशाला है। अपनी वैज्ञानिक जनशक्ति के कारण यह उच्च-शक्ति मैग्नेट्रॉन तकनीक के स्वदेशी विकास का एक अग्रणी केंद्र भी बना हुआ है। सीएसआईआर–सीरी और टॉन्बो इमेजिंग इंडिया प्रा. लि. के बीच यह महत्वपूर्ण साझेदारी भारत की वैज्ञानिक प्रगति, सामरिक क्षमता और तकनीकी संप्रभुता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगी।