नई दिल्ली - चालू खाता घाटे को नियंत्रण में रखने के उपायों के रूप में सोने और प्लैटिनम पर सीमा शुल्की में 8 से 10 प्रतिशत तक और चांदी पर 6 से 10 प्रतिशत वृद्धि की गई है। इसके चलते अयस्के सोने/सांद्र सोने, सोना डोर छड़ और चांदी डोर छड़ पर सीमा शुल्कस में समायोजन किया जा रहा है। इसी प्रकार अयस्कड/सांद्र सोने, सोना डोर छड़ पर सीमा शुल्क 6 से 8 प्रतिशत, जबकि चांदी डोर छड़ पर 3 से 7 प्रतिशत सीमा शुल्कम में बढोत्तसरी की जा रही है।
सोने और चांदी पर सीमा शुल्क में बदलाव के परिणाम स्व्रूप अयस्कं/ सांद्र सोने से बनी सोने की शुद्ध छड़, सोने/चांदी डोर छड़ या तांबे पर उत्पारद शुल्का में 7 से 9 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उसी तरह, अयस्क्/सांद्र चांदी से बनी, सोने/चांदी डोर छड़ या तांबे, जिंक या पिघले सीसे पर उत्पायद शुल्कर में 4 से 8 प्रतिशत की बढ़ोत्त़री हो रही है। इस बारे में संसद में आज अधिसूचना प्रस्तुयत कर दी गई।
भारत, सोने और चांदी का एक प्रमुख आयातक देश है। इस वर्ष 2012-13 के दौरान आयातित सोने की मात्रा 845 मीट्रिक टन थी जिसका मूल्यन 2,45,862 करोड़ रूपए था। वर्ष 2012-13 में 10,691 करोड़ रूपए मूल्यक की 1963 मीट्रिक चांदी का आयात किया गया। 17 जनवरी 2012 से पहले 99.5 शुद्धता वाले स्टैंकडर्ड सोने पर आयात शुल्कर 300 रूपए प्रति 10 ग्राम था। 17 जनवरी 2012 से शुल्क में 2 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई। उसके बाद 2012-13 के बजट में इसमें 4 प्रतिशत की वृद्धि की गई जिसे 21 जनवरी 2013 को और बढाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया। उसके बाद 5 जून 2013 से सोने पर आयात शुल्को 6 से 8 प्रतिशत की दर से बढ़ा दिया गया। शुल्क3 बढ़ाने का मूल उद्देश्यश सोने के आयात पर अंकुश लगाना था। चांदी पर पिछली बार 17 जनवरी 2012 से शुल्कश दरें संशोधित की गई थीं।
17 जनवरी 2012 से पहले, चांदी पर सीमा शुल्कि 1500 रूपए प्रति किलोग्राम के विशेष मूल्यप पर आधारित था जिसे 17 जनवरी 2012 से 6 प्रतिशत बढ़ाया गया था।
हाल के महीनों में सोने और चांदी के आयात में उछाल देखा गया है। मात्रात्मतक संदर्भ में देखा जाए तो अप्रैल से जुलाई 2013 में सोने का आयात 205 मीट्रिक टन से बढ़कर 383 मीट्रिक टन हो गया जो कि 87 प्रतिशत की वृद्धि है। मूल्यत के रूप में देखें तो आयात, 56,488 करोड़ रूपए से बढ़कर 95,092 करोड़ रूपए के मूल्य् का हो गया जो कि करीब 68 प्रतिशत बढ़ोत्तरी दिखाता है। अप्रैल से जुलाई 2013 के दौरान चांदी का आयात अप्रैल से जुलाई 2012 के 4,281 करोड़ रूपए के मुकाबले 12,789 करोड़ रूपए मूल्यअ का रहा, जो करीब 200 प्रतिशत बढ़ोत्तअरी है। कल, वित्तक मंत्री ने सोने और चांदी के आयात को कम करने की आवश्यककता पर बल दिया था।