नयी दिल्ली - महाराष्ट्र की हजारों बार बालाओं के सामने पिछले 8 साल से जारी रोजी-रोटी की समस्या का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में फिर से डांस बार खोले जाने का मार्ग आज प्रशस्त कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति सुरेन्द्र निज्जर की खंडपीठ ने डांस बार जारी रखने के बम्बई हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए बार बालाओं और डांस बार एसोसिएशन के पक्ष में फैसला सुनाया। न्यायालय ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए कहा कि सभी को अपना पेशा जारी रखने का अधिकार है। खंडपीठ ने 2006 में हाई कोर्ट के फैसले पर जारी स्थगनादेश वापस ले लिया।
महाराष्ट्र सरकार ने 2005 में डांस बार पर पाबंदी लगा दी थी, जिसे हाई कोर्ट ने 12 अप्रैल 2006 को यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि राज्य सरकार का यह फैसला त्रुटिपूर्ण है। राज्य सरकार ने इस फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी स्थगनादेश हासिल कर लिया था। आज के फैसले के बाद अब महाराष्ट्र में डांस बार फिर से खुलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।