नई दिल्ली : सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की आज मंजूरी दे दी. इससे धन की किल्लत से जूझ रहे दूरसंचार उद्योग की एक प्रमुख मांग पूरी हो गई.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने आज यहां कहा, ‘ बेसिक व सेलुलर सेवाओं में अभी तक एफडीआई की सीमा 74 प्रतिशत रही है जिसमें 49 प्रतिशत एफडीआई की स्वत: स्वीकृत मार्ग के तहत अनुमति थी और इससे परे 74 प्रतिशत तक एफआईपीबी की मंजूरी लेनी होती थी.’
उन्होंने कहा, ‘अब इस सीमा को 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया है. 49 प्रतिशत तक एफडीआई की स्वत: स्वीकृत मार्ग के तहत अनुमति होगी, जबकि इससे उपर 100 प्रतिशत तक के निवेश के लिए एफआईपीबी की मंजूरी लेनी होगी.’
दूरसंचार क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने का उद्देश्य इस क्षेत्र को नया निवेश आकर्षित कर अपना वित्तीय बोझ कम करने में मदद करना है. इस कदम से दूरसंचार कंपनियों में विदेशी साझीदारों को भी राहत मिली है क्योंकि अब वे कारोबार का पूर्ण स्वामित्व हासिल कर सकती हैं.