देहरादूनः चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों सहित कई स्थानों पर आज बारिश और भूस्खलन से उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर द्वारा बचाव अभियान प्रभावित हुआ है.
गुप्तकाशी और गोचर में भी यही स्थिति है जहां रुक- रुककर हो रही बारिश और पूरे क्षेत्र में धुंध की समस्या बनी हुई है. दिल्ली में गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि मलबा हटाये जाने के बाद बाढ़ प्रभावित उत्तराखंड में मरने वालों की संख्या एक हजार के आंकड़े को पार कर सकती है.
प्रभावित क्षेत्रों में हवाई बचाव अभियान की देखरेख कर रहे सेवानिवृत्त विंग कमांडर कैप्टन आरएस बराड़ ने कहा कि बद्रीनाथ से करीब 5000 हजार लोगों को अभी निकालना बाकी है और वहां तथा पास के क्षेत्रों में फंसे तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए सहस्त्रधारा हैलीपैड से अब तक एक भी हेलीकॉप्टर उडान नहीं भर पाया है.
उन्होंने कहा, मैं आज सुबह से खुद भी एक हेलीकॉप्टर में बैठकर मौसम साफ होने का इंतजार कर रहा हूं ताकि हम अपना अभियान शुरु कर सकें। चमोली और पौड़ी जिलों से खबरें हैं कि ऊपरी इलाकों में बारिश से हेलीकॅप्टर अभियान पर बुरा असर पड़ा है. राज्य की राजधानी देहरादून में भी बारिश हुई है.