एमएसएमई मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल एवं एआईसीटीई, जयपुर की पहल, एलएनएमआईआईटी और बीआईटीएस, पिलानी ज्ञान भागीदार के रूप मेंनवाचार और इनक्यूबेशन केंद्र क्षमता निर्माण और विचारों को बड़े पैमाने पर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये केंद्र अप्रयुक्त रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और एमएसएमई में नवीनतम तकनीकों को अपनाने को बढ़ावा देते हैं। ये एमएसएमई को उनके विचारों को प्रमाणित करने में मदद करते हैं और डिज़ाइन, रणनीति एवं निष्पादन समर्थन के माध्यम से अपने व्यवसायों के विस्तार के लिए सक्षम विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने में सहायता प्रदान करते हैं।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, जयपुर कार्यालय, एआईसीटीई इनोवेशन सेंटर, और बिट्स पिलानी-टेक्नोलॉजी एनेबलिंग सेंटर ने एलएनएम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सहयोग से एआईसीटीई इनोवेशन सेंटर, जयपुर में "व्यावसायिक विचारों के नवाचार और व्यावसायीकरण" पर पांच दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम (MDP) का आयोजन किया।
राजस्थान के 25 शैक्षणिक इनक्यूबेटरों के प्रमुखों और विभिन्न संस्थानों के इनोवेशन काउंसिल के प्रतिनिधियों सहित कुल 25 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस एमडीपी का उद्देश्य राजस्थान के इनक्यूबेशन प्रमुखों और प्रबंधकों को व्यावसायिक विचारों को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य समाधानों में बदलने के लिए आवश्यक उपकरणों और ज्ञान से लैस करना था।
बीआईटीएस-पिलानी द्वारा ज्ञान भागीदार के रूप में इस कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संरचित किया गया था, जिसमें विशेष कार्यशालाएं, प्रस्तुतियाँ, और उद्योग एवं अकादमिक विशेषज्ञों द्वारा केस-स्टडी विश्लेषण शामिल थे। इसमें नवाचार प्रबंधन, रणनीतिक योजना, उत्पाद व्यावसायीकरण, और वित्त पोषण तंत्र जैसे विषयों को कवर किया गया। श्री राजनीश कुमार – हेड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर ऑफिस, बीआईटीएस पिलानी, एक वक्ता के रूप में अकादमिक इनक्यूबेटरों की वित्तीय स्थिरता पर चर्चा की।
श्री गौरव जोशी – जॉइंट डायरेक्टर एवं HoD, मिनिस्ट्री ऑफ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, ने क्षेत्रीय इनक्यूबेटरों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और एक-दूसरे से सीखने के महत्व पर चर्चा की । इस कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव पीयर-टू-पीयर नॉलेज-शेयरिंग और नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ, जिससे राजस्थान में नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत किया गया।
मुख्य वक्ता एवं विशेषज्ञ: श्री गौरव जोशी – संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख, एमएसएमई मंत्रालय; श्री दिपन साहू – सहायक नवाचार निदेशक, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल, एआईसीटीई मुख्यालय; महावीर प्रताप शर्मा – अध्यक्ष, टाई इंडिया एंजल्स और आरएआईएन; बख्शी – पार्टनर इनक्यूबेशन, आईआईएमए वेंचर; श्वेता चौधरी – निदेशक, इनोव्हर और संसाधन संकाय सदस्य: प्रो. रमेश मित्तल – एलएनएमआईआईटी; रजनीश कुमार – प्रमुख, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यालय, बीआईटीएस पिलानी; डॉ. शीउ जैन – एलएनएमआईआईटी; डॉ. अक्षय जैन – निदेशक, विपणन, एमिटी जयपुर शामील हुये ।
यह पहल उद्यमशीलता विकास को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाती है और भारत को नवाचार, व्यावसायिक विकास, और आर्थिक स्थिरता में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।