Hindi English Friday, 16 October 2026
BREAKING
• श्रीराम के आदर्श हमारे आचरण और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनें : नरेश अरोड़ा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, इंद्रेश महाराज के प्रवचनों और भजनों से कृष्णमय हुआ शहर • फोर्टिस मोहाली ने आधुनिक इमेजिंग, फ्लोरेसेंस-गाइडेड सर्जरी और रोबोटिक प्रक्रियाओं से स्तन कैंसर के इलाज को आगे बढ़ाया • श्रीमद्भागवत कथा एवं तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव का भव्य आयोजन आज से • भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल • शहर में पहली बार: भव्य 'टाइटैनिक शिप कार्निवाल' का आयोजन • श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ के वार्षिक समारोह की तैयारियां शुरू, मंदिर कमेटियों को दिए जा रहे निमंत्रण • गीतांजलि अरोड़ा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया भारत का मान • श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति से लेकर प्रभु श्रीराम के जन्म तक की लीलाओं ने दर्शकों को किया भावविभोर • ऑल पंजाब क्रशर एसोसिएशन ने उठाए उद्योग की समस्याओं के मुद्दे, सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग

टेक्नॉलॉजी

More News

सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में सीएसआईआर-सीरी की बड़ी छलांग

Updated on Tuesday, January 28, 2025 10:04 AM IST

स्वदेशी सेमीकंडक्टर एलईडी चिप से वैश्विक बाजार में मजबूत बढ़त मिलेगी होगा भारत को छोटी और सस्ती एलईडी चिप के साथ भारत सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। केन्द्र सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन पर काम करते हुए सीएसआईआर-सीरी पिलानी के वैज्ञानिकों ने सेमीकंडक्टर चिप पर दूसरे देशों पर निर्भरता को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

यहां के वैज्ञानिकों ने स्वदेशी एलईडी चिप का निर्माण कर देश को नई और बड़ी तकनीकी उपलब्धि दिलाई है। यह चिप लाल, नीली, हरी और सफेद रंग की लाइट देने में सक्षम है। वैज्ञानिकों ने बताया कि अब तक भारत में उपयोग होने वाली एलईडी लाइट्स के लिए चिप्स का आयात करना पड़ता था, लेकिन अब यह चिप देश में ही निर्मित होगी।

स्वदेशी सेमीकंडक्टर एलईडी तकनीक से बिजली की खपत कम होगी और यह ऑटोमोबाइल, चिकित्सा उपकरण, कृषि अनुप्रयोग, संचार प्रौद्योगिकी, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में बहुत सहायक साबित होगी। यह तकनीक भारत को वैश्विक एलईडी बाजार में एक मजबूत स्थान दिलाने और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में मदद करेगी।

आपको बता दें कि बीते कुछ सालों में दुनिया ने काफी तेजी से तकनीकी विकास किया है। और इस तकनीकी विकास के पीछे सेमीकंडक्टर ने एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। ऐसे में भविष्य को जीतने के लिए भारत को सबसे पहले सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में महारत हासिल करनी होगी। अगर भारत इस क्षेत्र में फतेह पा लेता है, तो दुनिया कि कोई भी शक्ति उसे आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती है।

सीएसआईआर सीरी के निदेशक डॉ. पीसी पंचारिया ने बताया कि इस परियोजना को सफल बनाने में वैज्ञानिकों को कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें सामग्री का चयन, फैब्रिकेशन प्रक्रिया, पैकेजिंग, एकीकरण, और गुणवत्ता नियंत्रण शामिल थे। इसके बावजूद, वैज्ञानिकों ने इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर स्वदेशी एलईडी का विकास किया। संस्थान अब इस प्रोजेक्ट के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रोजेक्ट से जुड़े संस्थान के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि देश में अब तक एलईडी चिप को आयात किया जाता था और इसके लिए हम चीन, ताइवान, जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों पर निर्भर थे। लेकिन अब चिप का निर्माण देश में ही सम्भव हो पाएगा, जिससे आने वाले समय में कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे।

सेमीकंडक्टर्स को प्रॉडक्ट्स का दिल माना जाता है। यह स्मार्टफोन्स, डेटा सेंटर्स, कम्प्यूटर्स, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्ट डिवाइसेज, व्हीकल्स, हाउसहोल्ड अप्लायंसेज, लाइफ सेविंग फार्मास्यूटिकल डिवाइसेज, एग्री टेक, एटीएम और कई तरह के उत्पादों में इस्तेमाल होता है।

सेमीकंडक्टर चिप्स सिलिकॉन से बनाया जाता है जो इलेक्ट्रिसिटी का अच्छा कंडक्टर होता है। इन चिप्स को माइक्रोसर्किट्स में फिट किया जाता है जिनसे कई आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गुड्स और कंपोनेंट्स को पावर मिलती है। सभी एक्टिव कंपोनेंट्स, इंटिग्रेटेड सर्किट्स, माइक्रोचिप्स, ट्रांजिस्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक सेंसर्स सेमीकंडक्टर मटीरियल्स से बनाए जाते हैं। ये हाई एंड कम्प्यूटिंग, ऑपरेशन कंट्रोल, डेटा प्रोसेसिंग, स्टोरेज, इनपुट और आउटपुट मैनेजमेंट, सेंसिंग, वायरलेस कनेक्टिविटी जैसे काम करते हैं।

बात अगर सेमीकंडक्टर की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की करें, तो इसमें अकेले ताइवान की 63 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ताइवान की TSMS दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनी है। वहीं दूसरी तरफ जिस तेजी से चीन का आक्रामक रवैया ताइवान को कब्जाने को लेकर बढा है। अगर भविष्य में चीन, ताइवान पर कब्जा करता है, तो इसका बहुत बुरा असर सेमीकंडक्टर के आपूर्ति श्रंखला पर पड़ेगा। ऐसे में भारत की अर्थव्यवस्था नकारात्मक ढंग से प्रभावित हो सकती है और देशभर में आईटी क्षेत्र से जुड़े काम ठप पड़ सकते हैं।

भारत ने वर्ष 2023 में सेमी कंडक्टर चिप आयात पर 23 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। आने वाले समय में सेमी कंडक्टर चिप की मार्केट डिमांड की बात की जाए तो इसमें प्रति वर्ष 20% की दर से वृद्धि हो रही है। मार्केट रिसर्च के अनुसार 2032 में सेमी कंडक्टर पर हमारा आयात खर्च 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे में सीएसआईआर-सीरी की यह उपलब्धि देश के वित्तीय ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगी।

डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि सेमी कंडक्टर चिप से एलईडी लाइट बना कर हमने अपनी क्षमता साबित कर दी है। लेकिन अभी इस क्षेत्र में वर्ल्ड लीडर बनने के लिए बहुत अधिक काम करना होगा जिसके लिए बहुत बड़े इन्वेस्टमेंट की जरूरत भी है। इसमें थोड़ा समय भी लगेगा जिसके बाद भारत सेमीकंडक्टर चिप की वैश्विक आपूर्ति भी कर सकेगा।

बीते कुछ सालों में दुनिया ने काफी तेजी से तकनीकी विकास किया है। हमारे इस तकनीकी विकास के पीछे सेमीकंडक्टर ने एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। ऐसे में भविष्य को जीतने के लिए भारत को सबसे पहले सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में महारत हासिल करनी होगी। अगर भारत इस क्षेत्र में फतेह पा लेता है, तो दुनिया कि कोई भी शक्ति उसे आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती है।

Have something to say? Post your comment
व्रोज़ार्ट और लाल10 ने AI-नेटिव ऑपरेटिंग सिस्टम फैशनOS किया लॉन्च

: व्रोज़ार्ट और लाल10 ने AI-नेटिव ऑपरेटिंग सिस्टम फैशनOS किया लॉन्च

एआई से सेमीकंडक्टर तक: एलआईसी एमएफ का टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव

: एआई से सेमीकंडक्टर तक: एलआईसी एमएफ का टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव

स्मार्टफोन से कंट्रोल होने वाली बैटरी – जानिए इसका कमाल

: स्मार्टफोन से कंट्रोल होने वाली बैटरी – जानिए इसका कमाल

प्रकृति के साथ संतुलन बनाना ही सतत विकास की कुंजी : हरिभाऊ बागड़े

: प्रकृति के साथ संतुलन बनाना ही सतत विकास की कुंजी : हरिभाऊ बागड़े

सीएसआईआर-सीरी में दो दिवसीय पेटेंट फाइलिंग गोष्‍ठी का आयोजन संपन्‍न

: सीएसआईआर-सीरी में दो दिवसीय पेटेंट फाइलिंग गोष्‍ठी का आयोजन संपन्‍न

बिट्स पिलानी में बीटीटीआई के स्टूडेंट्स ने लिया तकनीकी प्रशिक्षण

: बिट्स पिलानी में बीटीटीआई के स्टूडेंट्स ने लिया तकनीकी प्रशिक्षण

बीकेबीआईईटी में सात दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला स्वर संगम का उद्घाटन

: बीकेबीआईईटी में सात दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला स्वर संगम का उद्घाटन

: "स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस" विषय पर बिरला शिशु विहार में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

द हिन्दू स्टेप ओलंपियाड में 136 स्वर्ण पदक प्राप्त कर बिरला शिशु विहार के विद्यार्थियों ने लहराया परचम

: द हिन्दू स्टेप ओलंपियाड में 136 स्वर्ण पदक प्राप्त कर बिरला शिशु विहार के विद्यार्थियों ने लहराया परचम

बीकेबीआईईटी में

: बीकेबीआईईटी में "आईईटीई छात्र दिवस" मनाया

X