स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण सहित अन्य वैज्ञानिक अनुसंधानों में होगा उपयोगी
पिलानी, 23 जनवरी, सीएसआईआर-सीरी (केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान) ने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए किफायती पीसीआर (पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन) उपकरण विकसित किया है। यह उपकरण आधुनिक तकनीक से लैस है और इसे थर्मोसाइक्लर के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो न्यूक्लियोटाइड एम्प्लीफिकेशन आधारित नमूनों की जांच के लिए विविध क्षेत्रों में उपयोगी है।
थर्मोसाइक्लर एक ऐसा उपकरण होता है जो पीसीआर (पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन) प्रक्रिया के लिए ज़रूरी तापमान को सटीकता से नियंत्रित करता है। यह प्रक्रिया न्यूक्लियोटाइड एम्प्लीफिकेशन यानी डीएनए या आरएनए जैसे आनुवंशिक सामग्री के छोटे अंशों को कई गुना बढ़ाने के लिए उपयोगी होती है। इस बढ़ी हुई आनुवंशिक सामग्री को बाद में विश्लेषण करने के लिए उपयोग किया जाता है। इस उपकरण को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह इन प्रक्रियाओं को अधिक सटीकता, तेज़ी और किफायती ढंग से पूरा कर सके।
उपकरण की प्रमुख विशेषताएँ और लाभ : यह उपकरण स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, और अन्य वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के नमूनों की जांच के लिए सक्षम है। इसका हल्का और कॉम्पैक्ट डिज़ाइन इसे ऑन-फील्ड और ऑफ-फील्ड दोनों स्थितियों में उपयोगी बनाता है। यह उपकरण पारंपरिक पीसीआर उपकरणों की तुलना में अत्यंत किफायती है, जिससे यह व्यापक उपयोग के लिए उपयुक्त है। साथ ही, इसका डिज़ाइन न केवल उपयोग में आसान है, बल्कि यह उच्च विश्वसनीयता भी प्रदान करता है। इसके अलावा यह उपकरण सीएसआईआर-सीरी के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक के आधार पर विकसित किया गया है। इस उपकरण की किफायती और पोर्टेबल विशेषताएँ इसे न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर विकासशील देशों के लिए भी एक उत्कृष्ट समाधान बनाती हैं
अनुसंधान और उद्योग के लिए संभावनाएँ : यह उपकरण उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा जहाँ न्यूक्लियोटाइड आधारित परीक्षण की आवश्यकता होती है। इसका उपयोग चिकित्सा निदान, कृषि जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण मॉनिटरिंग, और फॉरेंसिक विज्ञान में भी किया जा सकता है। यह “मेक इन इंडिया” पहल के तहत विकसित एक अद्वितीय उत्पाद है, जो आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस उपकरण के व्यावसायिक उत्पादन के लिए इस तकनीक को हाल ही में प्रो एडुस्फीयर प्रा. लि., गुरुग्राम (Pro Edusphere Pvt. Ltd.) को हस्तांतरित किया गया है।
क्या है पीसीआर : पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर) एक प्रयोगशाला तकनीक है। यह डीएनए के किसी खास हिस्से की कई कॉपी बनाने में मदद करती है। पीसीआर की मदद से डीएनए के छोटे-छोटे टुकड़ों को बढ़ाया जा सकता है. इसे 'आणविक फ़ोटोकॉपी' भी कहा जाता है। पीसीआर प्रक्रिया का उपयोग संक्रमण की पहचान (जैसे COVID-19 टेस्ट), आनुवंशिक विकारों के अध्ययन, फसल सुधार, और पर्यावरण में प्रदूषकों की पहचान जैसे कार्यों में किया जाता है।
“किफायती पीसीआर उपकरण का शोध एवं विकास भारत को वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसकी पोर्टेबिलिटी और किफायती डिज़ाइन इसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रभावी बनाते हैं, जिससे यह स्वास्थ्य, जैव प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला सकता है।” - डॉ. पी. सी. पंचारिया, निदेशक, सीएसआईआर-सीरी