बिरला शिशु विहार, पिलानी में 24 दिसंबर 2024 को क्रिसमस डे मनाया गया | कार्यक्रम में प्राइमरी स्कूल के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया | कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय के प्राचर्य श्री पवन वशिष्ठ थे | विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमति मीनल शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया |
प्रधानाचार्य श्री पवन वशिष्ठ ने अभिवादन में विद्यार्थियों को बताया की ईसाई धर्म की मान्यता के अनुसार प्रभु यीशु मसीह का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था, जिसकी वजह से इस दिन को क्रिसमस के तौर पर मनाया जाता है। विभिन्न देशों में क्रिसमस से जुड़े रीति-रिवाजों में ईसाई-पूर्व, ईसाई और धर्मनिरपेक्ष विषयों और उत्पत्ति का मिश्रण है। इसके अतिरिक्त, कई संबंधित और अक्सर विनिमेय आकृतियाँ, जिन्हें सांता क्लॉज़, फादर क्रिसमस, सेंट निकोलस और क्राइस्टकिंड के रूप में जाना जाता है, क्रिसमस के मौसम के दौरान बच्चों को उपहार लाने से जुड़ी हैं और उनकी अपनी परंपराएँ और विद्याएँ हैं। क्योंकि उपहार देना और क्रिसमस के त्यौहार के कई अन्य पहलुओं में बढ़ी हुई आर्थिक गतिविधि शामिल है |
कार्यक्रम की शुरुआत एक जीवंत क्रिसमस असेंबली से हुई, जहाँ रंग-बिरंगे परिधानों में सजे छात्र पारंपरिक कैरोल गाने के लिए एकत्र हुए। मधुर आवाज़ों ने हवा को उत्सव के उत्साह से भर दिया, जिससे एक ऐसा दिल को छू लेने वाला माहौल बन गया जो क्रिसमस की सच्ची भावना से गूंज उठा।
संगीतमय प्रदर्शनों के अलावा, कार्यक्रम में एक नैटिविटी प्ले भी दिखाया गया, जिसमें क्रिसमस की कहानी को दर्शाया गया, जिसमें प्रेम, आशा और दयालुता का सार जीवंत हो उठा। युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और उत्साह से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे उपस्थित सभी लोग आश्चर्य और खुशी से भर गए। इस अवसर पर पर विद्यालय के सभी विद्यार्थी व शिक्षकगण उपस्थित रहें |
प्राचर्य श्री पवन वशिष्ठ ने सभी विद्यार्थियों एवं उनके शिक्षक - शिक्षिकाओं की कार्य्रकम के सफल आयोजन के लिए भूरी-भूरी प्रशंसा की और विशेष सहयोग के लिए श्रीमती मीनल शर्मा, श्रीमती रोसी सांगरा, श्रीमती रागिनी शर्मा, श्रीमती सारिका शुक्ला और श्रीमती रंजना शर्मा का आभार व्यक्त किया |