नयी दिल्ली: सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा के आज घोषित परिणाम में लड़कियों ने फिर बाजी मार ली और 0.30 प्रतिशत बेहतर पास प्रतिशत के साथ लड़कों को पीछे छोड़ दिया. उच्च कक्षा में दाखिले के लिए इस साल 10वीं बोर्ड में 98.76 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए. बोर्ड की ओर से जारी बयान के अनुसार, उच्च कक्षा में दाखिले के लिए इस साल 10वीं बोर्ड में 98.94 प्रतिशत लड़कियां उत्तीर्ण हुइंर् जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 98.64 प्रतिशत रहा. साल 2012 में उच्च कक्षा में दाखिले के लिए 10वीं बोर्ड में 98.19 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए थे जिसमें लड़कियों का पास प्रतिशत 98.48 रहा जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 97.98 रहा था.
उच्च कक्षा में दाखिले के लिए 10वीं बोर्ड परीक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन चेन्नई क्षेत्र का रहा जहां के छात्रों का पास प्रतिशत 99.80 दर्ज किया गया. इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए 12,57,893 छात्रों ने पंजीकरण कराया था जो पिछले साल के मुकाबले 6.67 प्रतिशत अधिक है. गौरतलब है कि स्कूली शिक्षा सुधार के तहत 10वीं की बोर्ड परीक्षा को वैकल्पिक बना दिया गया था और ग्रेडिंग व्यवस्था लागू की गई थी. इसमें स्कूली स्तर पर सतत समग्र मूल्यांकन (सीसीई) के माध्यम से उनके शैक्षणिक और रचनात्मक कौशल का मूल्यांकन किया जाता है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत इस साल 10वीं बोर्ड का परिणाम पिछले वर्ष के मुकाबले मामूली रुप से बेहतर रहा है. पिछले साल 98.19 प्रतिशत छात्र उच्च कक्षा में जाने के लिए उत्तीर्ण हुए थे जबकि इस साल पास प्रतिशत 98.76 रहा जो 0.57 प्रतिशत बेहतर है.
सीबीएसई ने अपने बयान में कहा कि वैसे छात्र जिन्होंने स्कूल आधारित परीक्षा दी है, वे अपने ग्रेड की पुष्टि के लिए अपने स्कूल में आवेदन कर सकते हैं. स्कूल उनकी उत्तर पुस्तिका की संपुष्टि करके उन्हें परिणाम की जानकारी देंगे. इसके लिए प्रति विषय 200 रुपये का भुगतान करना होगा. छात्रों को प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए दिए जाने वाले पहले मौके के तहत परीक्षा 16 जुलाई 2013 से शुरु होगी. नियमित छात्र इस बारे में अपने संस्थान के प्रमुख से सम्पर्क कर सकते हैं.