चण्डीगढ़ : पंजाब मंत्री मंडल ने राज्यपाल श्री शिवराज वी पाटिल को 3 मई 2013 को विधान सभा का हंगामी अधिवेशन बुलाने की अपील की ताकि केन्द्र सरकार द्वारा देश में कृषि वाली जमीन पर संपति टैक्स लगाने से पेदाहुई खतरनाक और नाजुक स्थिती पर विचार विमर्श किया जा सके।
पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता अधीन मंत्री मंडल की एक हंगामी बैठक में केन्द्र सरकार को भी जोर देकर कहा गया है कि म्यूनिसिपल हद के आठ किलोमीटर के घेरे मे आने वाली कृषि योग्य जमीन पर संपति कर लगाने के नाम पर किसी भी प्रकार के तजबीज शुद्धा फैसले को शीघ्र वापिस लिया जाए।
बैठक में पास किये गये प्रस्ताव में यह जिक्र किया गया कि पंजाब की कृषि पहले ही 37000 करोड से उपर के असहनीय कर्जे के बोझ के नीचे दबी हुई है देश के किसान की मोजूदा आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय है केन्द्र सरकार का ऐसा कोई भी फैसला देश के किसानों के लिए मौत का वांरटसाबित होगा।
प्रस्ताव में आगे कहा गया कि यह फैसला न केवल देश के किसानों को बर्वाद कर देगा बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था को पूरी तरह तहसनहस कर देगा देश का व्यापारिक,उद्योग,दुकानदार और आढतियों सहित समूचा ढांचा लडखडा जाएगा और खात्मे की कगार पर आ खडा होगा।
इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने सभी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियों को अपील की कि देश के अन्न दाता को बचाने के लिए राजनीतिक भेदभाव से उपर उठकर यत्न करे स. बादल ने कहा कि उन्होने भाजपा के राष्ट्रीय प्रधान श्री राजनाथ सिंह और भाजपा के सीनियर नेता श्री अरूण जेतली के समक्ष भी यह मामला उठाया है।
स. बादल ने यह भी चेतावनी दी कि इस फैसले से गंभीर सामाजिक गडबड वाली स्थिति के परिणामों का सामना करना पड सकता है मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता ने एक प्रतिनिधिमंडल इस संबध में देश के प्रधानमंत्री को मिलकर मांग करेगा कि इस फैसले को शीघ्र वापिस लिया जाए और वितीय बिल में इस संबधी प्रस्तावित संशोधन को अमल में न लाया जाए स. बादल ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार किसानों पर ऐसे संपति टैक्स लगाकर उनको कृषि से ही किनारा कर लेने के लिए मजबूर कर रही है जिससे देश की अन्न सुरक्षा भी संकट में आ जाएगी।
इस टैक्स संबधी मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1992 में डा. मनमोहन सिंह ने देश के वित मंत्री होते हुये यह स्पष्ट किया था कि जिस संपति पर उत्पादन होता हो वह संपति टैक्स के घेरे मे नही लाई जाएगी। उन्होने कहा कि कृषि वाली जमीन भी उत्पादन वाली संपति है जिस कारण केन्द्र सरकार को ऐसा किसान विरोधी टैक्स नही लगाना चाहिए स. बादल ने कहा कि कांग्रेस की अध्यक्षता वाली यू पी ए सरकार का ऐसा कदम राज्य के किसानों पर प्रति एकड कम से कम तीस हजार रूपये वार्षिक का अतिरिक्त वितीय बोझ पडेगा जो उनको जमीन पर होती आमदन से बहुत ज्यादा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिअद किसानों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है और केन्द्र सरकार को यह फैसला लागू करने की हरगिज इजाजत नही दी जाएगी। पंजाब कांग्रेस के प्रधान स. प्रताप सिंह बाजवा पर िनशाना साधते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की कांग्रेस लीडरशिप द्वारा इस मामले पर केन्द्रीय मंत्री को मिलना महज र स्मी कार्यवाही है। क्योकि इस मामले के हल के लिए वह शायद ही कभी संजीदा हो। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने राज्य की आर्थिकता को तहसनहस करने के लिए यह टैक्स लागू किया है और अब कांग्रेसी नेता ऐसी बातों से किसान विरोधी फैसलों पर पर्दा डालने के यत्न कर रहे है।