संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में विज्ञान एवं तकनीक में सहयोग के अवसरों पर चर्चा
मोहाली, 26 सितंबर: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) मोहाली के 20वें स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत शनिवार को उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। पहले दिन आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों से करीब 1,600 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान की दुनिया को करीब से जानने, वैज्ञानिकों से बातचीत करने और विभिन्न प्रयोगशालाओं एवं शोध सुविधाओं को देखने का अवसर मिला।
दो दिवसीय समारोह के पहले दिन आयोजित ओपन हाउस में विद्यार्थियों ने आईआईएसईआर मोहाली के परिसर का दौरा किया और वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं स्कॉलर्स से बातचीत की। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रयोगशालाओं और शोध सुविधाओं को भी देखा। इस दौरान उन्हें अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान, नई खोजों और रिसर्च एवं इनोवेशन की प्रक्रिया को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
दोपहर बाद ‘ ‘एक्सप्लोरिंग इंटर-इंस्टीट्यूशनल अपॉर्च्युनिटी फॉर कोलैबोरेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी’’ विषय पर एक सत्र आयोजित किया गया। इसमें आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल के. त्रिपाठी, आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा, बीआरआईसी - एनएबीआई मोहाली के डॉ. विकास ऋषि, एनआईपीईआर मोहाली के निदेशक प्रो. दुलाल पांडा, सीएसआईआर-सीएसआईओ चंडीगढ़ के डॉ. संजीव सोनी, एससीएल मोहाली के रूपिंदर सिंह, सीएसआईआर-इमटैक चंडीगढ़ के डॉ. कार्तिकेयन सुब्रमणियन, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रुद्र प्रताप, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया, पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इंजीनियर प्रदीप गर्ग तथा इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मोहाली मोहाली के निदेशक प्रो. अनिंद्य दत्ता सहित प्रमुख शिक्षण एवं वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने, विद्यार्थियों को रिसर्च, इनोवेशन और उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें वैज्ञानिकों एवं शोध संस्थानों से जोड़ने पर चर्चा हुई। संस्थानों के प्रमुखों ने विभिन्न क्षेत्रों में संभावित सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।
आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल के. त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी संस्थान की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब वह अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ-साथ व्यापक शैक्षणिक और वैज्ञानिक समुदाय के साथ सार्थक साझेदारी भी विकसित करे। विद्यार्थियों की इतनी बड़ी भागीदारी विज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा और उत्साह को दर्शाती है। वहीं, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा, विज्ञान को समाज और युवाओं तक अधिक व्यापक रूप से पहुंचाने के हमारे प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दो दिवसीय समारोह का समापन रविवार को होगा। इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के अध्यक्ष प्रो. शेखर मांडे समारोह के मुख्य अतिथि होंगे और इस अवसर पर फाउंडेशन डे लेक्चर देंगे।=====================