चण्डीगढ़, 5 अप्रैल : पंजाब के उप मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि प्रवासी भारतीयों को पंजाब के विकास एवं खुशहाली में हिस्सेदार बनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा एक विस्तृत योजना बनाई गई है, जिसके तहत नई औद्योगिक निवेश नीति, रियल अस्टेट नीति तहत प्रवासी पंजाबियों के लिए प्रोजैक्टों/प्लाटों का दस प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है।
जनवरी माह के दौरान हुए दो दिवसीय एनआरआई सम्मेलन के दौरान प्रवासियों के कल्याण के लिए किये गये फैसलों को लागू करने सम्बन्धी प्रवासी भारतीय मामलों सम्बन्धी मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया से एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए स. बादल ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा प्रवासियों से किये वायदे पूरे के लिए पूरी तनदेही से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों द्वारा पंजाब में निवेश करने के लिए दिखाए उत्साह के मध्यनजर पंजाब सरकार द्वारा नई औद्योगिक निवेश नीति तहत प्रवासियों के लिए दस प्रतिशत औद्योगिक प्लाट आरक्षित रखे गये हैं। इसी प्रकार पुड्डा, गमाडा एवं अन्य शहरी विकास एजेंसियों की रिहायशी कालौनियों में भी प्रवासियों के लिए दस प्रतिशत प्लाट आरक्षित रखे गये हैं।
धोखाधड़ी वाले विवाहों सम्बन्धी गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जिसने प्रवासी भारतीयों के विवाहों क ा पंजीकरण अनिवार्य किया है, जिसके लिए ‘पंजाब कम्पलसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज एक्ट 2012’ बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों की सुविधा के लिए जिला राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों, नायव तहसीलदारों को विवाहों के पंजीकरण के लिए अधिकार दिये गये हैं।
गैर कानूनी ट्रैवल एजेंटों को काबू करने के लिए ‘पंजाब हयूमन समगङ्क्षलंग एक्ट’ को अधिसूचित करने को ऐतिहासिक करार देेते हुए स. बादल ने कहा कि उन्होंने पुलिस को कठोर निर्देश जारी किये हैं कि धोखेबाज एजेंटों विरूद्ध एक विशेष अभियान चलाया जाये।
प्रवासी भारतीय मामलों सम्बन्धी मंत्री स. मजीठिया ने उप मुख्यमंत्री स. बादल को बताया कि प्रवासी भारतीयों की जायदादों से नाजायज कब्जों को हटाने के लिए यह फैसला किया गया है,एनआरआई अपनी विभिन्न जायदादों को अनेकों बार किराएदारों से खाली करवा सकेंगें। जबकि पहले वह केवल एक जायदाद को एक बार ही खाली करवा सकते थे। उन्होंने साथ ही कहा कि यह संशोधन ग्रामीण क्षेत्र वाली जायदादों पर भी लागू होगी।
प्रवासियों की लम्बे समय की मांग को पूरा करने सम्बन्धी स. मजीठिया ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि पैसको द्वारा बहुत ही वाजिब अदायगी पर पेशवर एक्स सर्विस मैन प्रवासियों की जायदादों की रक्षा के लिए मुहैया करवाए जाएंगें। इसके अतिरिक्त पंजाब आने के दौरान पैसको गार्डों को नीजि सुरक्षा के लिए भी तैनात किया जा सकता है।
उन्होंने साथ ही यह भी जानकारी दी कि प्रवासियों की बहुतात वाले क्षेत्रों में अमृतसर सहित तीन अन्य एनआरआई पुलिस स्टेशन स्थापित किये गये हैं, जिससे इनकी संख्या नौ हो गई है। उन्होंने कहा कि एनआरआईज़ विरूद्ध झूठे केसों क ो रोकने के लिए यह निर्देश जारी किये गये हैं कि प्रवासी भारतीय विरूद्ध केस दर्ज करने के लिए डीएसपी से मंजूरी ली जाये।
गृह विभाग द्वारा बैठक के दौरान बताया गया कि एनआरआईज के लिए मोगा, जालन्धर एवं होशियारपुर में सब डिवीजनल मैजिस्ट्रेट अदालतों और जालन्धर में अपीली अदालत स्थापित करने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को प्रार्थना की गई है और इसके लिए आवश्यक फंड मुहैया करवा दिये गये हैं।
प्रवासी भारतीयो की पंजाब से सांझ और सुदृढ़ करने के लिए प्रवासी भारतीय मामले विभाग द्वारा एक विशेष योजना तहत एनआरआई एक निर्धारित राशि जमा करवाकर अपने गांवों के स्कूल, कालेज, अस्पताल का नाम, अपने चेहतों के नाम पर रखवा सकते हैं। स. बादल ने विभाग को कहा कि वह इस योजना का विदेशों में अधिक से अधिक प्रचार करें ताकि प्रवासी भारतीय इसका लाभ ले सकें।
स. मजीठिया ने बताया कि एनआरआईज क ो पेश मुश्किल के हल के लिए पावर ऑफ अटार्नी की एम्बोसमैंट के लिए वित्त आयुक्त राजस्व के अतिरिक्त जिला अधिकारियों को भी अधिकार दिये गये हैं। स. बादल ने कहा कि प्रवासियों क ो पंजाब सरकार द्वारा उनके कल्याण के लिए उठाये कदमों सम्बन्धी अवगत करवाने के लिए एनआरआई मीडिया में एक विज्ञापन अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि वह मोहाली में एनआरआई मुख्यालय और जालन्धर में एनआरआई भवन का मई के पहले सप्ताह नींव पत्थर रखेगें। जिसके लिए उन्होंने स. मजीठिया को कहा कि वह इसके लिए पुड्डा से मिलकर योजनाबन्दी और भूमि की पहचान करें।
बैठक के दौरान स. मजीठिया ने प्रवासियों सम्बन्धी किये गये फैसले तेजी से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और बताया कि मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल द्वारा केन्द्रीय प्रवासी भारतीय मामले मंत्री को एक पत्र लिखकर प्रवासियों को कैश कार्ड सिम की आज्ञा देेने की मांग की जा रही है, जिसके लिए पासपोर्ट को पहचान दस्तावेज के तौर पर प्रयोग किया जाये।
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से समझोैते तहत पंजाब के पच्चास विद्यार्थियों को नि:शुल्क डाक्टरेट शिक्षा मुहैया करवाने के लिए फैसले हेतू स. मजीठिया ने उप मुख्यमंँत्री का धन्यवाद किया।