चण्डीगढ़, 5 अप्रैल : पंजाब के लोगों को सेवांए मुहैया करवाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए पंजाब सेवा अधिकार आयोग के आयुक्त डा. दलबीर सिंह वेरका ने राज्य मुख्यालय में नोडल अधिकारियों को पंजाब सेवा अधिकार एक्ट, 2011 को सही ढंग से लागू करने को विश्वसनीय बनाने के लिए कहा है।
पंजाब सेवा अधिकार आयोग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन अधिकारियों को संबोधित करते हुए डा. वेरका ने कहा कि नोडल अधिकारी समय सीमा में सेवांए मुहैया करवाने के लिए आवश्यक जरूरतों को संपूर्ण करने के लिए अवश्य कार्रवाई करें और सही ढंग से रिकार्ड रखें। उन्होंने सेवाओं का निर्धारित फारमेट (आर टी एस-1) में उचित ढंग से रिकार्ड रखने के लिए नोटीफाई सेवांए और अन्य आवश्यक सामग्री संबंधी आवेदन का फारमेट सप्लाई करने के लिए अधिकारियों को यकीनी बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी यह भी यकीनी बनायें कि नोटीफाई सेवांए, आवेदन सामग्री, आवेदन संबंधी परफोरमें और सेवाओं के लिए आवश्यक अन्य दस्तावेज संबंधित विभागों की वेब साईट पर डालें। डॉ. वेरका ने आरोपियों विरूद्ध उचित कार्रवाई करने में असफल होने के लिए एक माह के भीतर आयोग को कार्रवाई रिपोर्ट भेजने के लिए नोडल अधिकारियों को कहा है।
इस अवसर पर बोलते हुए इकबाल सिंह सिद्ध और एच एस ढिल्लों आयुक्त पंजाब सेवा अधिकार आयोग ने नोडल अधिकारियों को सभी संबंधित सेवाओं के लिए संबंधित विभागों को मानकीकृत परफोरमा मुहैया करवाने के लिए कहा है और इसके साथ ही एक्ट को प्रभावी रूप में लागू करने के लिए आवश्यक उचित बुनियादी ढंाचा विश्वसनीय बनाने के लिए कहा है। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में राज्य इन्फोरमेटिक्स अफसर और सीनियर टैकनीकल डायरेक्टर एन आई सी पंजाब उपस्थित थे।