चण्डीगढ़, 4 अप्रैल : स्वास्थ्य मंत्री पंजाब मदन मोहन मित्तल ने बताया कि पंजाब के समस्त सरकारी अस्पतालों में स्वाईन फलू के संदेहजनक रोगियों को निर्धारित मापदण्डों अनुसार अलग वाडों में रखकर उपचार किया जाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने उन समाचारों का खण्डन किया जिनमें कहा जा रहा है कि राजेन्द्रा अस्पताल पटियाला में स्वाईन फ लू के रोगियों का उपचार शेष मरीजों के साथ आईसीयू में रखकर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वाईन फलू के रोगियों का प्राथमिकता के आधार पर उपचार किया जाता है और काई लापरवाही नहीं की जाती। प्रैस के नाम जारी बयान में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गत दिवस मीडिया में आई रिपोर्टों अनुसार पटियाला स्थित सरकारी राजेन्द्रा अस्पताल में स्वाईन फलू के रोगियों को दूसरे रोगियों के साथ आईसी यू में रखने के समाचार लगे जोकि पूरी तरह तथ्यों से दूर हें। उन्होंने कहा कि समाचारों में राजिन्द्रा अस्पताल में स्वाईन फलू के रोगियों को आईसीयू में रखने का नाटिस लेने के बाद उन्होंने तुरन्त चिकित्सा अधिक्षक पटियाला से रिपोर्ट मांगी उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जिस रोगी संगीता का जिक्र किया गया है वह 23 मार्च को गाइनी विभाग में डिसपीनिया की शिकायत के कारण दाखिल हुई थी उसकी स्थिति बिगड़ती देखकर उसको आईसीयू में तबदील करके बैंटीलैटर पर रखा गया। बाद में 27 मार्च को उपचार के दौरान संगीता स्वाईन फलू के लिए पोजिटिव पाई गई इसके तुरन्त बाद उस दिन ही अलग बनाए गये स्वाईन फलू में बेंटीलेटर के साथ तबदील कर दिया गया जहां उसकी तीस मार्च 2013 को मौत हो गई। मंत्री ने बताया कि समस्त सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किये गये हैं सन्देह पूर्ण स्वाईन फलू के रोगियों के उपचार में लापरवाही न की जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी डाक्टर की लापरवाही सामने आने पर उसके विरू कठोर विभागीय कार्रवाई की जायेगी।