चण्डीगढ़, 4 अप्रैल : पंजाब सरकार द्वारा राज्य के पशु पालकों को खरीफ के चारे के प्रमाणित बीजों की सप्लाई रियायती दरों पर किये जाने का प्रयास किया गया है।
यह जानकारी देते हुए आज यहां पंजाब के पशु पालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री स. गुलजार सिंह रणिके ने बताया कि वर्ष 2012-13 के दौरान 21,200 क्विंटल हरे चारे के प्रमाणित बीज पशु पालकों को सबसिडी पर सप्लाई किये गये हैं। इस वर्ष राज्य के पशु पालकों के पांच अप्रैल से खरीफ के चारे के प्रमाणित बीज रियायती दरों पर ब्लॉक स्तर पर पशु अस्पतालों में उपलब्ध करवाए जाएंगें। यह बीज पहले आओ पहले पाओ आधार पर दिये जाएंगें।
उनके द्वारा यह भी बताया गया कि खरीफ-2013 दौरान 14000 क्ंवटल हरे चारे के प्रमाणित बीज पंजाब कृषि विश्वविवद्यालय लुधियाना, मिल्कफैड पंजाब, नैशनल सीड कारपोरेशन और नैशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्किंटिंग फैडरेशन ऑफ इण्डिया लिम., भारत सरकार से खरीद कर पशु पालकों को सप्लाई किये जा रहे हैं। यह प्रमाणित बीज सप्लाई करने से पंजाब राज्य में हरे चारे की पैदावार में बढ़ौतरी होगी और पशु पालक इन बीजों से आगामी वर्ष के लिए बीज तैयार कर सकेंगें।
मंत्री ने आगे बताया कि बीजों की आपूर्ति स्टॉक उपलब्ध होने तक ही की जायेगी। उन्होंने बताया कि चारे के बीजों में मक्की जे-1006, 15 रूपये प्रति किलो, पंजाब सूडैक्स चरी नम्बर -1, 15 रूपये प्रति किलो, मक्चरी टीएल-1, 25 रूपये प्रति किलो और बाजरा एफबीसी -16 के बीज 15 रूपये प्रति किलो के हिसाब से दिये जाएंगें।
उन्होंने पशु पालकों को कहा कि वह निर्धारित फार्म को पटवारी/सरपंच / नम्बरदार/ एमसी/ मैम्बर पंचायत और सम्बन्धित पशु अस्पताल वैटर्नरी अधिकारी या पशु डिस्पैंसरी के वैटर्नरी इंस्पैक्टर से सत्यापित करवाकर ब्लॉक स्तर के पशु अस्पताल में जमा करवा सकते हैं।
मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि बीजों के वितरण समय आरक्षण सम्बन्धी सरकार द्वारा दिये गये निर्देशों की कठोरता से पालना को विश्वनीय बनाया जाये।
उन्होंने किसानों को अपील की कि पशुओं को जहरीले हरे चारे से बचाने के लिए संतुलित खादों का प्रयोग किया जाये क्योंकि जरूरत से अधिक यूरिया खाद डालने से हरा चारा जहरीला हो जाता है।