चंडीगढ़ - पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के कैबिनेट मंत्री विरूद्ध रेत की खदानों की बोली के संबंध में लगे आरोपों के सभी पक्षों की जांच करने वाले जस्टिस (सेवा निवृत) जे एस नारंग की ईमानदारी और भरोसे योग्यता पर आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल खैहरा द्वारा उठाये गये सवालों की तीखी आलोचना की है। मुख्यमंत्री ने रेत की खदानों के संबंध में आरोपों की जांच कर रहे जस्टिस जे एस नारंग और रेत की खदानों के संबंध में आरोपों में घिरे मंत्री राणा गुरजीत सिंह के बीच समीप के संबंध होने संबंधी खैहरा द्वारा लगाये गये आरोपों को रद्द करते हुये इसकी खिल्ली उड़ाई है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उपप्रधान राहुल गांधी से बैठक के बाद पत्रकारों से गैर औपचारिक बातचीत कर रहे थे। राहुल गांधी से हुई इस बैठक को सामान्य बैठक बताते हुये कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनको राहुल से बैठक किये हुये एक महीना हो गया था जिस कारण वह आज दिल्ली में अपने दौरे के दौरान कांग्रेस के उपप्रधान को मिले।
राज्य के सिंचाई और बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह विरूद्ध लगे आरोपों के कारण पैदा हुये विवाद के संबंध में उन्होंने कहा कि राणा गुरजीत सिंह द्वारा हाल ही की बोली के दौरान अपनी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा रेत की खदाने प्राप्त करने के आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच जस्टिस नारंग के आधारित एक सदस्यीय ज्यूडिश्यल कमिशन द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंधी फैसले से पूर्व हमें इस जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आम आदमी पार्टी द्वारा जारी किये उस बयान को पूरी तरह रद्द कर दिया जिसमें कहा गया है कि जस्टिस नारंग जांच दौरान स्वयं को बचायेंगे क्ख्योंकि उनका पुत्र कुछ केसों में राणा गुरजीत सिंह के रिश्तेदारों के लिये वकील के तौर पर पर पेश हुआ है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि ‘खैहरा की पत्नी जस्टिस रणजीत सिंह की रिश्तेदार है जोकि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के केसों की जांच के लिये गठित किये नये कमिशन के मुखी हैं। क्या इसका मतलब यह है कि खैहरे की पत्नी उसको प्रभावित कर सकती है?’ मुख्यमंत्री ने जस्टिस नारंग के पेशेवर आचरण और मर्यादा पर पूरा विशवास व्यक्ख्त किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई जज किसी का रिश्तेदार है या किसी से उसके पेशेवर संबंध हैं तो इसका मतलब यह नही कि उसकी ईमानदारी पर सवाल उठाया जाये।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी निष्पक्षता, न्याय की शक्तिशाली भावना रखने वाले, कार्पोरेट मामलों के विशेषज्ञ और ईमानदारी की उच्च मर्यादा रखने वाले व्यक्ख्ति के तौर पर जाने जाते जज की ईमानदारी पर शंका व्यक्त करने के लिये खैहरे की तीखी आलोचना की। अपने मंत्रीमंडल के प्रस्तावित प्रसार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इसको समय आने पर कर लिया जायेगा और जब भी मंत्रीमंडल का प्रसार हुआ मीडिया को सूचना दी जायेगी।