चण्डीगढ़, 2 अप्रैल : पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने सेवा का अधिकार कानून लागू करके नागरिकों को समयबद्ध ढंग से बुनियादी सेवाएं मुहैया करवाने का सफल प्रयास किया है। इन विचारों का प्रगटावा पंजाब सेवा अधिकार आयोग के आयुक्त डा. दलबीर सिंह वेरका ने आज यहां महात्मा गांधी स्टेट लोक प्रशासन संस्था (मैगसीपा) में प्रैस कांफ्रैंस के दौरान किया। उन्होंने लापरवाही करने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो अधिकारी सेवा का अधिकार कानून तहत लोगों को सेवाएं मुहैया नहीं करवाते, वह अपने खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार रहें। डा. वेरका ने बताया कि अब आयोग द्वारा जिला स्तर पर निरीक्षण आरम्भ किया जायेगा और आरोपी अधिकारियों की पहचान कर उनके विरूद्ध कार्रवाई आरम्भ की जायेगी। इस अवसर पर आयोग के आयुक्त एस एम शर्मा, इकबाल सिंह संधू एवं एच एस ढिल्लों भी उपस्थित थे।
डा. वेरका ने बताया कि इस तहत आयोग द्वारा मैगसीपा में राज्य के समस्त डिवीजनल आयुक्तों, उपायुक्तों, जोनलआईजिज़, पुलिस आयुक्तों, सीनियर पुलिस कप्तानों और नगर निगमों के आयुक्तों की पांच दिवसीय वर्कशाप चल रही है। जिसका आज दूसरा दिन था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पाबन्द किया गया है कि वह निर्धारित समय में कानून तहत निश्चित की सेवाओं का लाभ लोगों को पहुंचाएं और इस कार्य में असफल रहने की सूरत में उनको कानून तहत सजा दी जायेगी।
डा. वेरका ने बताया कि पंजाब सेवा का अधिकार कानून अधीन विभिन्न जिलों में सिविल और पुलिस के पास 8224209 व्यक्ति सेवाएं प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त 57 केसों में अपने स्तर पर नोटिस जारी कर कार्रवाई आरम्भ की है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा 104 ऐसी शिकायतों का भी निपटारा किया है जो सेवा का अधिकार कानून के दायरे अधीन नहीं आती। इसके अतिरिक्त पहली अथार्टी के पास आई 590 अपीलों में से 547 का निपटारा हो चुका है। आठ अपीलें दूसरी अपील अथार्टी के पास आई, जिनमें से सात का निपटारा हो चुका है। आयुक्त के स्तर पर आठ डिवीजन पटिशनें प्राप्त हुई हैं जो सभी निपटा दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सेवा का अधिकार कानून अनुसार निर्धारित समय में सेवा मुहैया न करवाने के लिए जिम्मेवार एस डी एम और सीडीपीओ फिरोजपुर को उपायुक्त फिरोजपुर में 7 नवम्बर 2012 को 500-500 रूपये जुर्माना लगाया, उपायुक्त फरीदकोट ने 6 दिसम्बर 2012 को तहसीलदार जैतों को एक हजार रूपये जुर्माना किया और दिनांक 17 दिसम्बर 2012 को डीटीओ कार्यालय फरीदकोट के लिपिक को पांच सौ रूपये जुर्माना किया और इसी प्रकार एसडीएम बटाला ने 17 अक्तूबर 2012 को कार्य साधक अधिकारी नगर कौंसल फतेहगढ़ चूडिय़ां को चार हजार रूपये जुर्माना लगाया। यह जुर्माने पंजाब सेवा का अधिकार कानून की धारा नौ अधीन उन कर्मचारियों को लगाये गये हैं जिन्होंने कानून अनुसार निर्धारित समय में सेवा मुहैया नहीं करवाई थी।