चण्डीगढ़, 2 अप्रैल : राज्य में अनुसूचित जातियों, पिछड़ी श्रेणियों, आर्थिक तौर पर पिछड़े परिवारों के सामाजिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पंजाब सरकार ने भिन्न-भिन्न कल्याण स्कीमों तहत इन वर्गों के लिए 2113. 09 करोड़ की राशि रखी है और राज्य में कल्याण स्कीमों और एस सी सब प्लान के तेजी से लागू करने को यकीनी बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किये हैं।
यह जानकारी देते हुए आज यहां पंजाब के अनुसूचित जाति और पिछड़ी श्रेणियों के कल्याण मंत्री स.गुलजार सिंह रणिके ने बताया कि सरकार ने शगुन स्कीम का दायरा बढ़ाकर पिछड़ी श्रेणियों और आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों को भी इस स्कीम का लाभ देने का निर्णय किया है।
उन्होंने आगे बताया कि सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों, पिछड़ी श्रेणियों, आर्थिक तौर पर पिछड़े परिवारों, ईसाई भाईचारे और किसी भी जाति की विधवाओं की लड़कियों की शादी के समय, अनुसूचित जातियों की विधवाओं/ तलाकशुद्वा महिलाओं के पुन: विवाह के अवसर पर शगुन तहत पन्द्रह हजार रूपये वित्तीय सहायता के तौर पर मुहैया करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा फैसला किया गया है कि इस स्कीम का लाभ के लिए योग्य परिवारों द्वारा शर्ते पूरी करने के पश्चात लडक़ी का विवाह तय होने से पन्द्रह दिन पूर्व आवेदन तहसील कल्याण अधिकारी/जिला कल्याण अधिकारी के कार्यालय में दिया जाये ताकि विवाह होने से पूर्व शगुन की राशि आवेदक के बैंक खाते में भेजी जा सकें।
मंत्री ने बताया कि इस स्कीम तहत जो लाभपात्री लडक़ी के विवाह की तिथि से पूर्व आवेदन करेंगें, उनको ही शगुन स्कीम का लाभ दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि लाभपात्री इस स्कीम का लाभ लेने के लिए आईएफएस कोड वाले बैंकों में ही अपना खाता खुलवाएं ताकि शगुन की राशि ऑन लाईन बैकिंग मैनेजमैंट सिस्टम द्वारा भेजी जा सकें। उन्होंने बताया कि लाभपात्री द्वारा इस बात को विश्वसनीय बनाया जाये कि आवेदन में जो बैंक खाता नम्बर दिया गया है, वह चल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2009-10 ओैर 2010-11 वाले लंबित केसों का निपटारा चालू वित्तीय वर्ष में करने को विश्वसनीय बनाया जाये।