पेशावर - बाचा खान यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद से गहरे गम में डूबे पाक में एक दिन का राष्ट्रीय शोक रहा। जगह-जगह पीड़ितों के लिए दुआ मांगी गई। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है। संदिग्धों की तलाश में देशभर में छापे मारे जा रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा से विशेष बलों ने 17 संदिग्धों को पकड़ा है। इनमें से पांच की हमले में भूमिका बताई जा रही है। पुलिस ने अलग अभियान चलाकर सौ संदिग्धों को पकड़ा है।
पेशावर से करीब 50 किमी दूर चारसद्दा जिले में स्थित यूनिवर्सिटी में आतंकियों ने बुधवार को हमला किया था। हमले के वक्त अब्दुल गफ्फार खान की पुण्यतिथि पर आयोजित मुशायरे में शामिल होने के लिए परिसर में तीन हजार छात्र और छह सौ मेहमान मौजूद थे हमले में 21 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें ज्यादातर छात्र थे। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में चारों हमलावरों को मार गिराया था। तहरीक-ए-तालिबान के उमर मंसूर ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। 2014 में पेशावर के आर्मी स्कूल पर हुए हमले का मास्टरमाइंड भी वहीं था।