काठमांडू - नेपाल सरकार ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अनुपातिक प्रतिनिधित्व एवं निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन से संबंधित मधेसियों की दो अहम मांगों का समाधान करने के लिए नये संविधान में संशोधन करने का फैसला किया है। वहीं भारत द्वारा नेपाल सरकार के इस कदम का स्वागत किये जाने की संभावना है। उद्योग मंत्री सोम प्रसाद पांडे ने बताया कि मंत्रिमंडल की देर रात यहां सिंह दरबार में हुई आपात बैठक में इस आशय का फैसला किया गया। इस बैठक में एक राजनीतिक प्रणाली पर भी सहमति बनी जो अपने गठन के तीन माह के भीतर प्रस्तावित प्रांतीय सीमाओं को लेकर विवाद के समाधान के लिये सुझाव देगा।
मधेसियों के आंदोलनरत राजनीतिक दल नये संविधान में प्रस्तावित सात प्रांतीय मॉडल का चार महीने से विरोध करते आ रहे हैं, क्योंकि इससे उनके पुरखों के होमलैंड का इस तरह विभाजन होगा कि वे अपने ही क्षेत्र में राजनीतिक रूप से हाशिये पर पहुंच जाएंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि मधेसियों ने भारत के साथ लगती सीमा व्यापार मार्गों को बंद कर रखा है जिससे देश में जरूरी वस्तुओं और दवाइयों की भारी किल्लत पैदा हो गयी है। अगस्त से जारी भारतीय मूल के मधेसियों के आंदोलन में कम से कम 50 लोगों की जान जा चुकी है।