चण्डीगढ़, 25 मार्च : पंजाब सरकार ने प्रारभिंक कृषि सहकारी सभाओं के सदस्यों को थोडी अवधि के सहकारी फसली कर्जो को लेने में पेश आ रही समस्याओं को दूर करते हुये एक अहम निर्णय में नई जमाबंदी या गिरदावरी देने की मद्द को खत्म करके सभाओं द्वारा जमाबंदियों /गिरदावरी के आधार पर पहले ही तैयार हुये लैड रिकार्ड रजिस्टर स्तर पर ही हद कर्जा जारी करने की स्वीकृति दे दी है। इस नये निर्णय से सभा के जिन सदस्यों की जमीन की मलकीयत या काश्त में कोई तबदीली नही हुई है उनको हद कर्जे के लिए नई जमाबंदी या गिरदावरी लेने की कोई आवश्यकता नही होगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल द्वारा सहकारिता विभाग के संबधित अधिकारियों को जारी कि ये गये आदेशों के बाद सहकारी सभाओं के समूह उप रजिस्ट्रारों को यह आदेश शीघ्र अमल में लाने और सभी सचिवों को इस निर्णय की अपने स्तर पर निगरानी के निर्देश दिये गये है। इस के अतिरिक्त समूह उप रजिस्ट्रार अपने अपने जिलों के डिप्टी कमीशनरों के साथ भी सम्पर्क करेगें ताकि डिप्टी कमीशनरों द्वारा राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को फोरी तोर पर आवश्यक निर्देश जारी कि ये जा सके। जिक्र योग्य है कि इससे पहले सहकारी सभाओं के सदस्यों को नई जमाबंदी या गिरदावरी लेकर ही हद कर्जा जारी किया जाता था।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि जारी निर्देशों अनुसार नई जमाबंदी या गिरदावरी की आवश्यकता केवल उस सुरत में ही होगी जहां सभा के सदस्य की जमीन की मलकीयत का काश्त में तबदीली आई हो और इस संबध में लैंड रिकार्ड रजिस्टर में भी जरूरी इंदराज किया जाएगा इसी प्रकार सभा के सदस्य की जमीन की मलकीयत या काश्त में तबदीली होन या न होने के बारे में हल्का पटवारी से इस की जांच करवाई जाएगी और पटवारी से इस संबधी सभा के लेंड रिकार्ड की प्रत्येक रजिस्ट्री तसदीक करवानी होगी। प्रत्येक सभा का सचिव लैंड रिकार्ड रजिस्टर इन निर्देशों अनुसार अपडेट करने और पटवारी के पास तसदीक करवाने के लिए स्वयं जिम्मेवार होगें।
एक अन्य अहम निर्णय लेते हुये सहकारी सभाओं को यह भी निर्देश दिये गये है कि जहां कही भी सदस्य की मलकीयत या काश्त में यदि कोई तबदीली हुई हो तो उस संबध में नई जमाबंदी या गिरदावरी की फर्द सचिव द्वारा स्वंय प्राप्त की जाएगी और इस उदेश्य के लिए फीस भी सभा के फंड में ही अदा की जाएगी।