चण्डीगढ़, 25 मार्च : पंजाब सरकार ने स्कूलों के कार्य को सुचारू ढंग से चलाने के लिए राज्य के विभिंन ब्लाकों के 818 प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों का रैंशनेलाईजेशन करने का निर्णय किया है।
यह जानकारी देते हुये आज यहां पंजाब के शिक्षा मंत्री स. सिंकदर सिंह मलूका ने बताया कि राज्य के विभिंन ब्लाकों में पडते प्राइमरी और अपरप्राइमरी स्कूलों के निरीक्षण के बाद यह बात सामना आई है कि कई ब्लाकों में स्कूल बहुत ज्यादा है और कई में उनकी संख्या काफी कम है। इसके परिणाम के रूप में जिन ब्लाकों में स्कूलों की संख्या बहुत ज्यादा है उन से संबधित शिक्षा अधिकारियों पर काम का जोर बढ जाता है और जहां संख्या कम है वही काम भी कम हो जाता है। इसके परिणाम के रूप में स्कूलों के प्रंबधन का कार्य सही ढंग से नही चलता।
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि कुछ स्कूलों की दूरी मौजूदा ब्लाकों से बहुत ज्यादा जिस कारण उन के साथ लगते ब्लाकों के साथ जोडकर दूरी घटाई जा सकती हे उन्होने आगे कहा कि ब्लाकों में स्कूलों की रैंशनेलाईजेशन से स्कूलों पर निगरानी रखने को भी समय कम लगेगा और अध्यापकों को आसानी होगी।
शिक्षा मंत्री ने डायरैक्टर जनरल स्कूली शिक्षा स. काहन सिंह पन्नू को कहा कि वह एक अप्रैल 2013 से पहले इन रैंशनेलाईजेशन किये स्कूलों का विवरण जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमैंटरी शिक्षा) को पहुंचाए ताकि इन स्कूलों में नये सैंशन दौरान पढाई के कार्य को सुचारू ढंग से चलाया जा सके। उन्होने यह भी कहा कि 31 मार्च 2013 तक सरकार द्वारा जारी किये गये फंडों के प्रयोग प्रमाण पत्र देने की जिम्मेवारी पहले ब्लाकों की होगी।