वॉशिंगटन - भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित असैन्य परमाणु संधि अगले वर्ष 2016 से लागू हो सकती है, क्योंकि इस ऐतिहासिक समझौते से जुड़ी अधिकतर पूर्वापेक्षाएं या तो पहले ही पूरी की जा चुकी हैं या फिर जल्दी ही पूरी होने वाली हैं। रिचर्ड वर्मा ने शनिवार देर रात भारतीय पत्रकारों के एक समूह को यहां बताया,'मैं वास्तव में इस बात से आश्वस्त हूं कि वर्ष 2016 में असैन्य परमाणु संधि को लागू करने की दिशा में हम बेहद तेजी से बढ़ रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 के उत्तरार्ध में असैन्य परमाणु संधि में बेहद प्रगति होगी। उल्लेखनीय है कि जनवरी में गठित भारत-अमेरिकी संपर्क समूह की पिछली बैठक नवंबर में वॉशिंगटन में हुई थी। शीर्ष अमेरिकी थिंकटैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूट में एक सवाल के जवाब में वर्मा ने कहा,'हमने भारत सरकार की परमाणु शाखा के साथ रचनात्मक चर्चाएं की हैं, पिछले दो माह में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मैं मुंबई गया था। हम इसे लागू करने पर बहुत मेहनत कर रहे हैं।'