ढाका - बांग्लादेश ने वर्ष 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुक्ति संग्राम के दौरान युद्ध अपराध करने के जुर्म में दो शीर्ष विपक्षी नेताओं को रविवार देर रात एक साथ फांसी दे दी। इसे लेकर उनके समर्थकों की ओर से आज छिटपुट हिंसा की गई। वहीं कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने मंगलवार को पूरे देश में हड़ताल का आह्वान किया है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने इन विपक्षी नेताओं को फांसी दिये जाने पर चिंता जताई है।
ढाका सेंट्रल जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के महासचिव अली अहसान मोहम्मद मुजाहिद (67) और बीएनपी नेता सलाउद्दीन कादर चौधरी (66) को रविवार रात 12 बजकर 55 मिनट पर ढाका केंद्रीय जेल में फांसी दे दी गई। राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने रविवार शाम दोनों की क्षमादान संबंधी याचिकाएं ठुकरा दी थीं।