चण्डीगढ़, 21 मार्च : पंजाब के सिंचाई मंत्री स. जनमेजा सिंह सेखों ने कहा है कि वित्त मंत्री द्वारा वर्ष 2013-14 के लिए पेश किए बजट में भू-जल पर निर्भरता घटाने, सिंचाई उद्धेश्यों के लिए स्तही पानी को प्रयोग में लाने, नहरी क्षमता बढ़ाने, गैर लाईनिंग वाले जल मार्गो की लाईनिंग करने और पहाड़ी क्षेत्रों में कम मूल्यों वाले बांधों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बजट को सिंचाई नेटवर्क की मज़बूती के लिए अह्म बताते हुए स. सेखों ने कहा कि वर्ष 2013 -14 के बजट में सिंचाई के लिए योजना आरक्षण में 1103 करोड़ रुपये की राशि आरक्षित रखी गई है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2013 में अलाट किए गये शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को अप्रैल/मई 2013 में आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बजट में राजस्थान फीडर प्रोजेक्ट की पून: रीलाईनिंग के लिए 100 करोड़ रुपये आरक्षित रखे गये हैं जबकि सरहंद फीडर प्रोजेक्ट की रीलाईनिंग के लिए 40 करोड़ रुपये, फस्र्ट पटियाला फीडर, कोटला ब्रांच की पुन: स्थापति के लिए 40 करोड़ रुपये, कंडी नहर पड़ाव दो प्रोजेक्ट की बकाया 14 कि.मी निर्माण के लिए 156 करोड़ रुपये, जलमार्गो के निर्माण/लाईनिंग के लिए 310 करोड़ रुपये और सेम की समस्या और बाढ़ों से सुरक्षा के लिए 145 करोड़ रुपये की राशि आरक्षित रखी गई है।
बजट के प्रभावी पहलुओं संबंधी बात करते हुए सिंचाई मंत्री ने बताया कि राज्य में कंडी क्षेत्र, सेम विरोधी गतिविधियों, नहरों की लाईनिंग, नालों एवं सहायक नदियों के निर्माण और 280 गहरे टयूबवैलों की स्थापति वाले नबार्ड प्रोजेक्टों के लिए 282 करोड़ रुपये की राशि आरक्षित रखी गयी है।