सिंगापुर - जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के लिए सिंगापुर से निवेश आकर्षित करने के लिए पिछले एक वर्ष से जारी राजस्थान सरकार की कोशिशों का कोई नतीजा नहीं निकला है। सिंगापुर की सरकार जयपुर मेट्रो प्रोजेक्ट को एक घाटे का सौदा मानती है और उसकी इसके संचालन में या निर्माण कार्य में कोई रुचि नहीं है। सिंगापुर सरकार के उच्चाधिकारियों का कहना है कि दिल्ली, मुम्बई और बेंगलूरु के मुकाबले जयपुर एक छोटा शहर है।
अधिकारियों के अनुसार राजनीतिक कारणों से भले ही जयपुर मेट्रो रेल शुरू कर दी गई है, लेकिन यह आर्थिक रूप से उचित नहीं है क्योंकि यहां यात्रीभार बेहद कम है। जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रतिदिन 2 लाख यात्रियों के मेट्रो ट्रेन में सफर करने की संभावना बताई गई थी। लेकिन वास्तविक स्थिति इसके बेहद उलट है। जयपुर मेट्रो का यात्रीभार रोजाना मात्र 30-36 हजार ही है। ऐेसे में इसके संचालन की लागत खर्च की तुलना में काफी ज्यादा होती है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व नगरीय विकास विभाग के उच्चाधिकारी सिंगापुर गए थे।