चंडीगढ़, 20 मार्च: पंजाब राज्य एस सी कमिशन ने 13 मार्च को कांग्रेसी विधायकों द्वारा अनुसूचित जाति से संबंधित हैड कांस्टेबल जयपाल सिंह पर किए हमले और जाति सूचक शब्द प्रयोग कर बेइज्जती करने की शिकायत पर कार्रवाई आरंभ कर दी है। आज कांस्टेबल जयपाल सिंह और उसके कमांडैंट ने कमिशन के सामने पेश होकर अपने बयान दर्ज करवाये।
एस सी कमिशन के चेयरमैन राजेश बाघा और कमिशन के सदस्य प्रकाश सिंह गढ़दीवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि पीडि़त जयपाल सिंह ने कमिशन के सामने पेश होकर उसके साथ घटित संपूर्ण घटनाक्रम संबंधी बयान दर्ज करवाते हुए बताया कि किस प्रकार उसपर हमला किया गया और जानबूझकर उसको अपमानित करने के लिए संपूर्ण मीडिया के आगे पेश किया गया। चेयरमैन ने बताया कि पीडि़त ने कमिशन के आगे दिए अपने विस्तृत बयान में बताया कि 13 मार्च, 2013 को वह विधानसभा कंपलैक्स में डियूटी पर तैनात था और डियूटी पर तैनात पुलिस को सूचित किया गया था कि एक लडक़ी अनिधिकारित ढंग से विधानसभा में दाखिल हो गई है। उसने बताया कि जब वह सी एल पी कार्यालय बाहर डियूटी कर रहा था कुछ विधायक उसकी तरफ भागे आये और सबके सामने झड़प करने लगे। जयपाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेसी विधायकों स. राणा गुरजीत सिंह, स. कुलजीत सिंह नागरा, सुखजिंदर सिंह, जगमोहन सिंह कंग और परमिंदर सिंह पिंकी विधानसभा के आराम गृह में डियूटी कर रहे पुलिस कर्मचारियों के पीछे भी भागने लगे।
जयपाल ने साथ ही कहा कि इन विधायकों ने उसको पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट करने लगे। उन्होंने बताया कि इन विधायकों ने उसकी पहचान और जाति संबंधी पूछताछ की। पीडि़त ने बताया कि जब उसने बताया कि वह एक गरीब परिवार और अनुसूचित जाति से संबंधित है तो इन विधायकों ने उसका पहचानपत्र छीन लिया। पीडि़त ने बताया कि मेरी जाति पता चलने पर उन्होंने जाति सूचक शब्द प्रयोग कर मेरा मज़ाक उड़ाया और कहा कि मेरी यहां आने की हिम्मत कैसे हुई?
जयपाल ने बताया कि इनसे बचकर वह अपनी डियूटी वाली जगह पर पहुंचा और थोड़े समय बाद वह अपना पहचान पत्र लेने के लिए कांग्रेसी विधायकों के पास गया परंतु उनपर कोई असर नही हुआ। परंतु कांग्रेसी विधायक बीबी राजिन्द्र कौर भटठल के दखल के बाद उसको कांग्रेसी विधायकों ने छोड़ा।
कांग्रेसी विधायकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए जयपाल ने आयोग को विनती की है कि कांग्रेसी विधायकों के खिलाफ एक कार्रवाई करने के लिए समय सीमा निर्धारित की जाये और उसको न्याय दिया जाये। उसने आयोग से कांग्रेसी विधायकों जिन्होंने उससे मारपीट की , के भय से उसके परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है।
कमिशन ने विधानसभा की आंतरिक सुरक्षा को चैक करने के लिए डियूटी पर तैनात कमांडेंट तीन जी बटालियन मोहाली, सुखवंत सिंह गिल के बयान भी रिकार्ड किए हैं।
कमिशन के चेयरमैन राजेश बाघा ने कहा कि पीडि़त को न्याय देने के लिए हर कानूनी सहायता ली जाएगी।