लुधियाना 19 मार्च: पंजाब के उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा कि डीएमके द्वारा यूपीए सरकार से समर्थन वापिस लेने और मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी द्वारा ‘आतंकवादी’ घोषित किये जाने के पश्चात केन्द्र सरकार के गले पर रखे गये अंगूठे से आगामी लोक सभा चुनाव अटल हो गये हैं।
आज यहां जत्थेदार हीरा सिंह गाबडिय़ा द्वारा जिला योजना कमेटी लुधियाना के चेयरमैन के तौर पर पदभार संभाले जाने की रस्म के अवसर पर स. बादल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार अल्प संख्या में आ गई है जिससे संसद में केन्द्रीय बजट का पास होना भी खतरे में हें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार आईसीयू में दाखिल हो चुकी है और इस दिमागी तोैर मुर्दा सरकार को रोजाना आक्सीजन का सिलेण्डर लगा कर ज्यादा देर जिंदा नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हो रहा है कि केन्द्र सरकार को सदन में अपनी सरकार को बचाकर रखने के लिए हर रोज नई सौदेबाजी करनी पड़ रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और भागीदार भारतीय जनता पार्टी आगामी लोक सभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्होंने इस चुनौति के लिए अपने निम्र स्तर पर काडर को पूरी तरह चुस्त दुरूस्त कर दिया है। स. बादल ने भरोसा व्यक्त किया कि राज्य के लोगों ने पहले ही कांग्रेस का पूरी तरह पुलंदा बांधने का मन बना लिया है और शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठजोड़ सभी 13 लोक सभा सीटों पर शानदार जीत दर्ज करेगा।
पंजाब विधान सभा में कांग्रेस पार्टी के गैर लोकतांत्रिक व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए स. बादल ने कहा कि राज्य विधान सभा के इतिहास में पहले कभी भी विरोधी पक्ष द्वारा ऐसा हिंसक व्यवहार नहीं किया गया कि जिससे लोकतंत्र की सबसे उंची संस्था की शान को भारी हानि हुई है। स. बादल ने कहा कि जिन लोगों ने कांग्रेसी विधायकों को चुना था, वह इस बात से बुरी तरह मायूस हो कर रह गये हैं कि उन्होंने विधान सभा में जाकर लोगों की क्या बात करनी थी बल्कि सडक़ीय तमाशेबाजी में ही उलझ कर रह गये हैं। कांग्रेस द्वारा अपनाई गई टकराब की नीति पर अफसोस व्यक्त करते हुए स. बादल ने कहा कि बाजवा और अमरेन्द्र के बीच राजनीतिक शरीकेबाजी ने समूची लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहसनहस करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि वह पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नये प्रधान के टकराब के एक नुकाती एजेंडे से बहुत हैरान हुए है और उनका शिरोमणि अकाली दल-भाजपा के मंत्रियों के वाईकाट का आहवान सुचारू लोकतांत्रिक व्यवस्था पर वेहद बुरा प्रभाव डालेगा।
पंजाब सरकार के आगामी तीन वर्षों के विकास एजेंडे की बात करते हुए स. बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल- भाजपा सरकार का साकरात्मक राजनीति में पूर्ण विश्वास है और इस सरकार द्वारा आगामी तीन वर्षों में पंजाब की कायाकल्प कर दी जायेगी। स. बादल ने कहा कि बीस हजार करोड़ रूपये के सडक़ीय सम्पर्क, दो घरेलू और एक अन्तर्राष्ष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन और औद्योगिक एवं रियल अस्टेट क्षेत्रों में भारी निवेश से पंजाब विकास फंरट पर बड़ी छलांग के लिए पूरी तरह तैयार है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब मार्च माह के अन्त तक अपनी नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति और रियल अस्टेट नीति की घोषणा कर देगा और राज्य मंत्री मण्डल की आगामी बैठक में यह नई नीतियां स्वीकृत की जा रही हैं।
सम्पत्ति कर सम्बन्धी पूछे जाने पर स. बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार ने कभी भी पंजाब के लोगों पर कोई कर नहीं लगाना चाहा परन्तु कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने पंजाब सरकार को जेएनआरयूएनएम तहत मिलती ग्रांटे जारी करने के लिए जायदाद कर की शर्त पूरी करने के लिए मजबूर किया है और केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार की इस मुद्दे पर बाजू मरोडऩे के लिए 1418 करोड़ रूपये की ग्रांट को जानबूझ कर रोका गया है। उन्होंने कहा कि इस कर के लिए निरपेक्ष और तर्क संगत फारमूला यकीनी बनाने के लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।