चंडीगढ़ - पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब से बेअदबी के मामलों पर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कानून व्यवस्था पर आलोचनाओं का सामना कर रही पंजाब सरकार ने रविवार को राज्य पुलिस प्रमुख के पद से सुमेध सिंह सैणी को हटा दिया। सुमेध सिंह सैणी को हटाकर उनकी जगह सुरेश अरोड़ा को यह जिम्मेदारी सौंपी, जिन्होंने 80 के दशक के आखिर में राज्य में आतंकवाद का मुकाबला करने में अहम भूमिका निभाई थी। पंजाब के गृह सचिव जगपाल संधू ने कहा कि श्री सैणी का तबादला कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस आवास निगम के अध्यक्ष का नया प्रभार सौंपा गया है। 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी अरोड़ा अभी तक पुलिस महानिदेशक-सह-मुख्य निदेशक, सतर्कता ब्यूरो के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने आतंकवाद से लडऩे में अहम भूमिका निभाई थी और आपरेशन ब्लैक थंडर-1 के दौरान एसपी (मुख्यालय), अमृतसर और आपरेशन ब्लैक थंडर-2 के समय अमृतसर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दी थीं। वह लगभग सभी जिलों में एसएसपी के तौर पर काम कर चुके हैं और तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के बाद मुख्यमंत्री सुरक्षा के डीआईजी भी रहे थे।
लंदन विश्वविद्यालय से कानून में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाले अरोड़ा ने अनेक वीरता पदक और पुरस्कार जीते हैं, जिनमें राष्ट्रपति पदक, विशिष्ट सेवा पदक और पराक्रम पदक शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने पिछले लोकसभा चुनावों से पहले पंजाब के पुलिस महानिदेशक के तौर पर सुरेश अरोड़ा की नियुक्ति की थी। सैणी को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का करीबी समझा जाता है। कांग्रेस और अधिकतर सिख संगठन डीजीपी के रूप में सैणी का विरोध करते आ रहे थे।