वाशिंगटन - अमरीका, पाकिस्तान को आठ नए एफ-16 लड़ाकू विमानों की बिक्री करेगा। मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि यह फैसला पाकिस्तान के तेजी से बढ़ते परमाणु हथियारों के जखीरे से पैदा हुई चिंता के बावजूद किया गया है। न्यूयार्क टाइम्स ने एफ-16 बेचे जाने की जानकारी देते हुए लिखा है कि यह फैसला गुरुवार को होने वाली ओबामा-शरीफ वार्ता के पहले लिया गया। खबर के मुताबिक, वार्ता मुख्य रूप में अफगानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की मौजूदगी की अवधि को बढ़ाने और शरीफ को एक नई पीढ़ी के रणनीतिक परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए मनाने पर केंद्रित होगी।
एफ-16 की बिक्री कांग्रेस (अमरीकी सदन) चाहे तो रोक लगा सकती है। अगर बिक्री होती है तो पाकिस्तान का लड़ाकू विमानों का पहले से मजबूत बेड़ा और मजबूत होगा। उसके पास 70 से अधिक एफ-16 विमान और फ्रांसीसी तथा चीनी लड़ाकू विमान हैं। एक अग्रणी अमरीकी थिंकटैंक दि फेडरेशन ऑफ अमरीकन साइंटिस्ट ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान का परमाणु हथियारों का जखीरा जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसके हिसाब से 2025 तक पाकिस्तान अमरीका, रूस, चीन और फ्रांस के बाद पांचवां सबसे बड़ा परमाणु हथियार संपन्न देश हो जाएगा। इसी साल मई में अमरीका ने पाकिस्तान को 14 लड़ाकू विमान, 59 सैन्य प्रशिक्षण विमान और 374 बख्तरबंद सैन्य वाहन दिए थे। इन सभी का इस्तेमाल अमरीकी फौज अफगानिस्तान में पहले कर चुकी थी।