चंडीगढ़, 18 मार्च: पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज संविधान को संघीय ढांचे की राहों पर नया रूप देने, सभी केंद्रीय स्कीमें समाप्त करने और केंद्रीय कराधानों का 50 प्रतिशत हिस्सा प्रत्यक्ष तौर पर राज्यों को परिवर्तित करने के लिए उपबंध करने हेतू राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक पहल करने का आह्वान किया।
पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के भाषण पर बहस को सिमटते हुए स. बादल ने टकराव की राजनीति की राह का अंत कर राजनीतिक एकता का दौर आरंभ करने पर बल दिया ताकि राज्य को विकास की और उंची बुलंदियों पर ले जाने के साथ-साथ लंबे समय की मांगों का भी हल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को कहा कि राज्यों को भारतीय संविधान की राज्य सूची तहत मिले अधिकारों को हड़पने से गुरेज़ करे। उन्होंने कृषि लागतों और न्यून्तम समर्थन मूल्य तय करने, स्कूलों को अपग्रेड करने, राष्ट्रीय ग्रामीण/शहरी स्वास्थय मिशन अधीन फंडों के वितरण और प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना अधीन संपर्क सडक़ें अलॉट करने सहित आदि फैसले केवल राज्यों को ही लेने की जोरदार ढंग से वकालत की ताकि लोगों की आवश्यकताओं के मद्देनज़र इन प्रोजेक्टों की प्राथमिकतांए निर्धारित की जा सकती हैं।
केंद्रीय प्रायोजित स्कीमें जो केंद्र सरकार को ठीक बैठते मापदंडों पर आधारित होती हैं, को समाप्त कर देने की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को कहा कि वह संयुक्त फंड या प्रत्यक्ष ग्रांटे राज्यों को दें ताकि राज्य ऐसी स्कीमें बना सकें। उन्होंने कहा कि सभी एकत्र टैक्सों का 67.5 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार के खजाने में चला जाता है जबकि राज्यों के पास केवल 32.5 प्रतिशत टैक्स रह जाता है। स. बादल ने कहा कि ‘शिरोमणि अकाली दल पहली राजनीतिक पार्टी है जिसने संघीय ढांचे की स्थापना के लिए आवाज़ उठाई और राज्यों को फंडो की सुपर्दगी के कदम से इस लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है।’
मुख्यमंत्री ने केंद्र में समय समय की कांग्रेस सरकारों द्वारा पंजाब से किए घोर अन्याय पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाबी बोलते क्षेत्र और चंडीगढ़ पंजाब को देने से इंकार करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत रिपेरियन कानून अनुसार दरियाई पानी का बनता कानूनी हिस्सा ना देना इसकी प्रत्यक्ष मिसालें हैं। कांग्रेसी सरकारों का ऐसा व्यवहार लगातार जारी है और अब चंडीगढ़ के यू टी प्रशासन द्वारा पंजाब एवं हरियाणा से 60:40 के अनुपात से अधिकारी पंजाब को राजधानी ना मिलने तक चंडीगढ़ प्रशासन में तैनात करने की मौजूदा प्रणाली से भी छेड़छाड़ की जा रही है। स. बादल ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन के अपने कॉडर या भर्ती का उपबंध ना होने के बावजूद नियमों की उल्लंघना की जा रही है। उन्होंने मिसाल देते हुए कहा कि पहले मुख्य आयुक्त के पद पर पंजाब कॉडर का आई ए एस अधिकारी तैनात होता था परंतु आंतकवाद के दिनों के दौरान इसको समाप्त कर पंजाब के राज्यपाल को ही प्रशासक बनाकर यूटी कॉडर के आई ए एस अधिकारी को उनका सलाहकार नियुक्त कर दिया गया।
1984 के सिक्ख कत्लेआम पीडि़तों को न्याय मिलने में देरी पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को इस सदन द्वारा अपील की कि इस संगीन अपराध के आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आरोपियों को सजा देने की बजाये ऐसे लोगों को सरकार और पार्टी में उच्च पदों पर निवाजा है। स. बादल ने बिना किसी विलंब से 1984 के सिक्ख कत्लेआम के दोषियों को कठोर सजायें देने की मांग की।
अमन शांति, सम्प्रदायिक सद्भावना, सांस्कृतिक सांझ और बेहतर प्रशासन को यकीनी बनाने के अपने प्राथमिक एजेंडे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दसूहा और मोगा उपचुनावों में बड़े अंतर से हुई जीत शिअद-भाजपा गठजोड़ की विकास मुखी नीतियों में लोगो द्वारा व्यक्त भरोसे पर मोहर लगाती है। विभिन्न चुनावों में लगातार जीत हासिल होने संबंधी उन्होंने कहा कि दिल्ली सिक्ख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी की हाल ही में हुए चुनावों में शिअद द्वारा 46 सीटों में से 37 सीटें जीत लेना एक बार फिर मानवीय मूल्यों में पार्टी के दृढ भरोसे की जीत हुई है।
विरोधी पक्ष से सहयोग की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने उनको राज्य के सर्वपक्षीय विकास और लोगों के कल्याण के लिए वह अपने मतभेद दूर करने की अपील की। स. बादल ने कहा कि वह हमेशा ही विरोधी पक्ष को बहुत अधिक सम्मान देते आये हैं और उन्होंने उनके प्रति एक साकारत्मक पहुंच अपनाई है। जिस कारण विरोधी पक्ष को अपने संकीर्ण और बुरे राजनीतिक हितों से उपर उठकर पंजाब के विकास एवं समृद्धि के लिए संयुक्त तौर पर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘हमारी पार्टी ने बदलाखोरी और टकराव वाले वातावरण को बिल्कुल समाप्त कर दिया है जो वातावरण वर्ष 2007 में अकाली-भाजपा गठजोड़ सरकार के सत्ता में आने से पूर्व कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान होता था। मुख्यमंत्री ने सभी को पूरी नम्रता से अपील की कि टकराव के राह को त्याग कर राजनीतिक एकता वाला दौर आरंभ किया जाए और पंजाब में अमन, शांति भाईचारक सांझ और विकास को और बुलंदियों पर लेकर जाए। ’ स. बादल ने कहा कि टकराव कांग्रेस की फलैग शिप स्कीम है जोकि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘गत् 6 वर्षो में अकाली-भाजपा गठजोड़ सरकार के सत्ता दौरान राज्य में हुए सर्वपक्षीय विकास की मिसाल पंजाब के इतिहास में कहीं नही मिलती और पंजाब देश का अग्रणीय राज्य बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनपक्षीय नीतियों अनुसार हुए सर्वपक्षीय विकास स्वरूप ही अकाली-भाजपा गठजोड़ ने लगातार दूसरी बार सत्ता में आकर इतिहास बनाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में अधूरा विकास एजेंडा जो गत् सत्ता काल दौरान तय किया गया था, को मौजूदा कार्यकाल के दौरान जोशो खरोश से संपूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विकास प्रोजेक्ट और जनकल्याण स्कीमों को लोगों की इच्छाओं के अनुसार ही अमल में लाया जाएगा। ’
अपनी सरकार की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं संक्षेप में वर्णन करते हुए मुख्यमंत्री ने मांग की कि वित्त मंत्री द्वारा हाल ही में किए पेश बजट दौरान हरित क्रांति वाले राज्यों के लिए केवल 500 करोड़ रुपये के किए एलान की बजाये केंद्र सरकार कृषि विविधता के लिए 5000 करोड़ रुपये दे जैसा कि पूर्वी भारत के राज्यों को हरित क्रांति लाने तहत 4000 करोड़ रुपये दिए गये हैं। उन्होंने इस बात की भी वकालत की कि फसलों का न्यून्तम समर्थन मूल्य भी राष्ट्रीय किसान आयोग जिसके मुखी डॉ. स्वामीनाथन हैं, की सिफारिशों अनुसार तय किया जाये। इन सिफारिशों अनुसार किसानों को फसल की पैदावार की कीमत से 50 प्रतिशत अधिक मुनाफा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तहत फंडो के वितरण का ढंग भी बहुत भेदभाव वाला है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अनाज भंडार में पंजाब चावल का 35 से 40 प्रतिशत तक का योगदान डालता है परंतु राज्य को चावल के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में शामिल नही किया गया। यहां तक कि गेंहू के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में भी राज्य के केवल 10 जिलों को ही शामिल किया गया है।
उर्जा क्षेत्र संबंधी मुख्यमंत्री ने अपनी वचनबद्धता पुन: दोहराते हुए कहा कि तलवंडी साबो राजपुरा और गोईन्दवाल साहिब में तीन थर्मल प्लांटों के सभी यूनिट मई 2014 तक चालू हो जाने से पंजाब अतिरिक्त बिजली वाला राज्य बन जाएगा। स. बादल ने कहा कि ट्रांसमिशन एवं वितरण का घाटा भी 22.53 प्रतिशत से घटकर 17.50 प्रतिशत रह गया है जिससे लगभग 2000 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे में नई आत्मा डालने के लिए बहुत बड़े प्रयास किए गये हैं जिन स्कूल, कालेज और विश्व विद्यालय स्तर पर सुधार किया गया है। बठिंडा में केंद्रीय विश्वविद्यालय के अतिरिक्त 7 नये विश्वविद्यालय आरंभ हो चुके हैं और इतनी ही संख्या में अन्य नये विश्वविद्यालयों को सहमति पत्र जारी कर दिए गये हैं। 18 नये डिग्री कालेज खोले गये हैं और दो अन्य डिग्री कालेज जिला संगरूर में अमरगढ़ में और जिला फाजिल्का मे जलालाबाद में खोले जांएगे। पंजाब के लिए यह बहुत गौरव वाली बात है कि वर्ष 2010-11 में भारत के संयुक्त शिक्षा विकास सूचकांक में राज्य ने अव्वल दर्जा हासिल किया जबकि 2005-06 में इसका 14वां स्थान था। इसी प्रकार 2007 से लगभग 61000 स्कूल अध्यापकों की भर्ती की गई और 5622 अध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त 17000 स्कूल अध्यापकों की सेवांए नियमित की गई और 7654 अन्य अध्यापकों की सेवांए शीघ्र ही नियमित की जा रही हैं।
स्वास्थय एवं चिकित्सा बुनियादी ढांचे को सुदृढ करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब स्टेट कैंसर एंड डी-एडिक्शन ट्रीटमैंट इन्फ्रास्टरक्चर फंड कायम किया गया है जिससे एक तरफ कैंसर के र ोग को समाप्त किया जाएगा। दूसरी तरफ नवयुवकों को नशों की बुराई से बचाने के लिए सहायता भी मिलेगी। इसी प्रकार चंडीगढ़ के समीप मुल्लांपुर में 450 करोड़ रुपये की लागत से टाटा मैमोरियल कैंसर अस्पताल का निर्माण होगा जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा उच्च दर्जे के इस अस्पताल की स्थापना हेतू पहले ही 50 एकड़ भूमि निशुल्क दी जा चुकी है। स्वास्थय बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए 300 करोड़ रुपये खर्चे जा चुके हैं जिस तहत सरकारी मैडिकल कालेजों में कैंसर रोग के रोगियों को बेहतर उपचार सुविधांए मुहैया करवाई जा रहीं है। इसी प्रकार बठिंडा में 68 करोड़ रुपये की लागत से 100 बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल भी कायम किया जा रहा है। इसके अतिरिकत मुख्यमंत्री कैंसर राहत फंड भी 20 करोड़ रुपये से बढक़र 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
अमन एवं कानून के मसले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं कीसुरक्षा को विश्वसनीय बनाने के लिए पूर्ण तौर पर वचनबद्ध है और पंजाब में इस संबंध में इस क्षेत्र के लगभग शेष सभी राज्यों से पहले ही बेहतर कदम उठाये हैं। इन तहत महिलाओं खिलाफ अपराधों के मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए भी फॉस्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। किसी भी महिला को पुलिस थाने में ना बुलाने संबंधी गृह विभाग द्वारा कठोर निर्देश जारी किए गये हैं और संबंधित महिला की पूछताछ भी उसकी रिहायश पर ही उसके परिवार की उपस्थिति में पुलिस द्वारा एक महिला पुलिस अधिकारी को साथ लेकर ही की जा सकेगी। सरकार द्वारा प्रत्येक पुलिस थाने में एक महिला राजपात्रित अधिकारी और आवश्यक कांस्टेबलों की तैनाती करने के प्रस्ताव रखा गया है इसी तहत सरकार द्वारा आगामी तीन वर्षो के समय दौरान छ: महिला डी एस पीज़, 36 इंस्पैक्टर, 338 सब-इंस्पैक्टर और 1200 कांस्टेबलों की भर्ती करने को भी मंजूरी दी चुकी है।
शहरों के योजनाबद्ध और समूचे विकास को यकीनी बनाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार किए गये हैं और 32 मास्टर प्लान घोषित किए जा चुके हैं जबकि 18 की घोषणा भी एक वर्ष में कर दी जाएगी और आगामी तीन वर्षो में 40 अन्य शहरों का मास्टर प्लान घोषित किया जाएगा। चंडीगढ़ के समीप मुल्लांपुर में 250 एकड़ में मैडीसिटी स्थापित की जाएगी। इसी प्रकार 9840 करोड़ रुपये की लागत वाले लुधियाना मैट्रो रेल प्रोजेकट को स्वीकृत कर इसकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी जा चुकी है। 98 करोड़ रुपये की लागत वाला सिटी बस सर्विस का प्रोजेक्ट आरंभ किया जा चुका है जिससे अमृतसर और लुधियाना में 350 बसें डाली गई हैं।
वेट और आबकारी में हुई बड़ी बढ़ौतरी पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2011-12 में वैट से आय 12000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है जबकि कांग्रेस की सत्ता के दौरान वर्ष 2006-07 में यह आय 5136 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 में वैट से आय 14700 करोड़ रुपये को छू जाने की उम्मीद है। इसी प्रकार आबकारी की आय भी वर्ष 2012-13 में 3400 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने की उम्मीद है जबकि इसके मुकाबले कांग्रेस की सत्ता काल दौरान वर्ष 2006-07 में यह आय 1363 करोड़ रुपये थी। इसी प्रकार आबकारी की आय भी वर्ष 2013-14 में आय 4020 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने की उम्मीद है। वार्षिक योजना का जिक्र करते हुए स. बादल ने कहा कि वर्ष 2006-07 जोकि कांग्रेस पार्टी की सरकार का अंतिम वर्ष था, दौरान केवल यह योजना 4000 करोड़ रुपये की थी जबकि हमारी सरकार ने वर्ष 2012-13 में 14000 करोड़ रुपये कर दी है और वर्ष 2013-14 में 16123 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है।
सडक़ों के बुनियादी ढांचे की मज़बूती और अपग्रेड करने की अकाली-भाजपा सरकार के किए कार्यो को दर्शाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में 8 सडक़ों को चौ-मार्गीय करने पर 10000 करोड़ रुपये खर्चे जा रहें हैं इसके अतिरिक्त 750 करोड़ रुपये रेलवे के ओवर ब्रिजों और अंडर ब्रिजों पर खर्चे जा रहें हैं। इसी प्रकार एक वर्ष में राज्य की सभी संपर्क सडक़ों की मुरम्मत पर 1700 करोड़ रुपये खर्च किए जांएगे और प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना तहत 1000 कि.मी संपर्क सडक़ों को अपग्रेड किया जाएगा।
समाज के पिछड़े वर्गो के कल्याण को यकीनी बनाने के राज्य सरकार की वचनबद्धता दोहराते हुए देश में अनुसूचित जाति के लोगों की जनसंख्या सबसे अधिक पंजाब में हैं उन्होंने कहा कि पंजाब पहला राज्य है जिसने अनुसूचित जातियों के लिए शगुन स्कीम आरंभ की जिसका अब विस्तार कर ईसाई भाईचारा, पिछड़ी श्रेणीयों, कमजोर वर्गो और विधवाओं का भी इस स्कीम का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 से 2007 तक कांग्रेस सरकार ने इस उद्धेश्य के लिए केवल 90 करोड़ रुपये की राशि बांटी थी जबकि अकाली भाजपा गठजोड़ की सरकार वर्ष 2007-13 के कार्य काल दौरान 407 करोड़ रुपये शगुन स्कीम तहत वितरित किए गये हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार वर्ष 2002 से 2007 के समय लाभपात्रियों की संख्या 95000 थी जो अकाली-भाजपा सरकार की सत्ता के दौरान बढक़र 2,36000 हो गई। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 19.94 लाख लाभपात्रियों को राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक माह पैंशन दी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा आटा-दाल स्कीम को सफलता पूर्वक ढंग से चलाया जा रहा है जिस तहत 15.20 लाख लाभपात्रियों को लगभग 300 करोड़ रुपये के वार्षिक खर्चे द्वारा लाभ दिया जा रहा रहा है।
हमारे नवयुवकों को अपने अमीर विरसे की तरफ प्रेरित करने के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों द्वारा डाले गये योगदान को दर्शाती जंग-ए-आजादी यादगार करतारपुर में निर्मित करने की स्वीकृति दी है। इसी प्रकार खुलारगढ़ में गुरू रविदास यादगार और अमृतसर में भगवान वाल्मिक तीर्थ स्थल के निर्माण के लिए स्वीकृति पहले दी जा चुकी है। इसी प्रकार अमृतसर में स्वामी विवेकानंद यादगार, जंगी यादगार फतेहगढ़ साहिब में मोती राम मेहरा यादगार, बाबा जीवन सिंह यादगार और करतार पुर में स्वामी ब्रिजानंद यादगार का निर्माण विचारधीन है। इसी प्रकार 78 करोड़ की लागत वाला उच्च दर्जे का गोल्डन एंट्रेंस प्लाजा भी संपूर्ण होने के समीप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की रिपोर्ट अनुसार देश में पर्यटन क्षेत्र में पंजाब का 12वां स्थान है जबकि कांग्रेस के सत्ता काल दौरान इसका 28वां स्थान था।
समाज के लिए बड़ी चुनौती बनी बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए दृढता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने गत् कार्यकाल दौरान रोजगार के अवसर एवं प्रशिक्षण का एक नया विभाग बनाया । इसी प्रकार सभी तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों, बहुतकनीकी संस्थानों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों एवं निजी निवेशकों द्वारा 50000 बेरोज़गार नवयुवकों को निपुण प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया इसी प्रकार 30000 नवयुवकों को पर्यटन एवं ग्रामीण विकास जैसे विभागों द्वारा प्रशिक्षण देने का भी लक्ष्य तय किया गया। इसके अतिरिक्त वर्ष 2013-14 के लिए 12000 नवयुवकों को सी पाईट द्वारा निपुण प्रशिक्षण देने का भी लक्ष्य रखा गया है।
औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2007 से अबतक 52614 करोड़ रुपये की लागत वाले 98 मेगाप्रोजेक्टों को स्वीकृति दी है इसी प्रकार कपूरथला और मोहाली के फेज़ 8 ए एवं बी में नये फोकल प्वांइट बनाये गये हैं। निवेश पक्षीय औद्यागिक नीति की घोषणा शीघ्र की जाएगी जिससे राज्य में औद्योगिक क्रांति के लिए नया राह खुलेगा। पूंजी सब्सिडी के रूप में 410 करोड़ रुपये वितरित किए गये। निवेशकों को समयबद्ध स्वीकृतियां देने को यकीनी बनाने के लिए पंजाब इंडस्ट्रीयल फिसिलटेशन एक्ट लागू किया जा चुका है। स. बादल ने कहा कि कृषि का व्यवसाय पहले ही घाटे के शिखर पर पहुंच गया है और हमारी उम्मीदें इसके बदल के तौर पर व्यापार, उद्योग और सर्विस क्षेत्र को उत्साहित करने पर टिकी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों के विकास की तरफ विशेष ध्यान दिया गया है और इस क्षेत्र में शानदार उपलब्धियां भी हासिल की गई हैं। 200 करोड़ रुपये की लागत से 13 स्टेडियमों का निर्माण या अपग्रेड किया गया है। इसी प्रकार खिलाडिय़ों की पुरस्कार राशि में भी बढ़ौतरी की गई है जिस तहत औलंपिक में स्वर्ण विजेता के लिए पुरस्कार राशि एक करोड़ से बढ़ाकर ढाई करोड़ रुपये, रजत पुरस्कार जीतने वाले के लिए पुरस्कार राशि 50 लाख से बढ़ाकर 1.01 करोड़ रुपये और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी के लिए पुरस्कार राशि 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 51 लाख रुपये की गई है। इसी प्रकार कबड्डी विश्वकप के लिए पुरस्कार राशि भी बढ़ाकर विजेता, उपविजेता और सैकेंड रनर्ज के लिए क्रमश: 2 करोड़ रुपये, एक करोड़ रुपये और 51 लाख रुपये करने के साथ-साथ शामिल होने वाली सभी टीमों को 10-10 लाख रुपये की राशि दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने फतेहगढ़ साहिब में पुलिस वाहन से घटित दर्दनाक हादसे पर दुख व्यक्त किया
चंडीगढ़, 18 मार्च: पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज खमानो-फतेहगढ़ साहिब रोड पर गांव लोहारी के समय पंजाब पुलिस के वाहन से घटित दर्दनाक हादसे में अपनी जांन गवांने वाले खमानो पुलिस के छ: कर्मचारीयों के देहांत पर गहरा दुख व्यक्त किया। खमानो पुलिस के कर्मचारी आज जब साप्ताहिक परेड के लिए संघोल के रास्ते फतेहगढ़ साहिब जा रहे थे तो वाहन बेकाबू होकर पेड़ से जा टकराया जिससे छ: पुलिस कर्मचारियों की मौत हो गई जबकि 11 अन्य कर्मचारी घायल हो गये।
मुख्यमंत्री स. बादल ने सिविल एवं पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि पीडि़तों की हर संभव मदद की जाये और घायल कर्मचारियों का निशुल्क उपचार किया जाये ताकि कीमती जाने बचाई जा सकें। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने मृतक पुलिस कर्मचारियों के आश्रितों को दो लाख रुपये प्रति कर्मचारी एक्स ग्रेशिया ग्रांट और गंभीर घायल क र्मचारियों को 25-25 हजार रुपये की सहायता देने का एलान किया। स. बादल ने मृतक पुलिस कर्मचारियों के परिवारों के साथ दुख सांझा करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने बिछुड़ी आत्माओं की शांति और पीछे परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।