चंडीगढ़ - पंजाब में गत सात दिन से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत किसानों ने ‘रेल रोको’ कार्यक्रम समाप्त कर आंदोलन की रूपरेखा में बदलाव करते हुए अब राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों और नेताओं का घेराव करने का ऐलान किया है। आंदोलनकारी किसानों की कोर कमेटी की यहां किसान भवन में देर रात तक चली बैठक में ‘रेल रोको’ आंदोलन समाप्त करने तथा आंदोलन की दिशा में बदलाव करते हुए अब मंत्रियों, विधायकों और नेताओं का 22 अक्तूबर को जिला मुख्यालयों पर घेराव करने तथा इन्हें हर जगह काले झंडे दिखाने का फैसला लिया गया।
बैठक में तय किया गया था कि रेल पटरियों पर जारी धरने मंगलवार दो बजे तक उठा लिए जाएंगे। इसी फैसले के संदर्भ में किसानों नेताओं ने राज्य में छह जगहों पर चल रहे रेल रोको आंदोलन स्थल पर पहुंच कर मंगलवार दो बजे धरने समाप्त कर दिए। भारतीय किसान यूनियन (एकता दाकुंडा) प्रदेश महासचिव जगमोहन और बीकेयू (एकता उग्राहां) के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी के अनुसार किसानों का रेल चक्का जाम भले की समाप्त हो गया हो, लेकिन राज्य की अकाली भाजपा सरकार के खिलाफ नरमा कपास की सफेद मक्खी के कारण नष्ट हुई फसलों के नुकसान की भरपाई तथा इन नुकसान के चलते खुदकशी करने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा तथा बासमती धान का लाभकारी मूल्य देने की मांग को लेकर उनका राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।