काठमांडू - नेपाल में संविधान को लेकर हिंसक प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक दलों में सहमति नहीं बन पाने के बाद हुए चुनाव में केपी शर्मा ओली नए प्रधानमंत्री चुने गए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोइराला को पराजित किया। संसद में रविवार को हुए मतदान में सीपीएन - यूएमएल के प्रमुख ओली को 338 मत मिले, जबकि नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष कोइराला ने सिर्फ 249 मत हासिल किए।
प्रधानमंत्री चुने जाने के लिए 299 मतों की जरूरत थी। इस मतदान में कुल 587 सदस्यों ने हिस्सा लिया। मतदान के दौरान सांसदों को तटस्थ रहने की इजाजत नहीं होती है। ओली को यूसीपीएन-माओवादी, राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक पार्टी-नेपाल, मधेसी जनाधिकार फोरम-डेमोक्रेटिक तथा कुछ और दलों का समर्थन हासिल था। दूसरी तरफ युनाइटेड डेमोक्रेटिक मधेसी फ्रंट में शामिल चार दलों ने कोइराला का समर्थन किया। कोइराला 2014 में सीपीएन-यूएमएल की मदद से प्रधानमंत्री बने थे। 63 साल के ओली को पिछले साल सीपीएन-यूएमएल का प्रमुख चुना गया था।
इससे पहले वह पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के प्रमुख थे। ओली साल 2006 की जनक्रांति के तत्काल बाद बनी गिरिजा प्रसाद कोइराला के नेतृत्व वाली सरकार में उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री बने थे। वह 1994 में तत्कालीन यूएमएल प्रमुख मनमोहन अधिकारी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में गृह मंत्री थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोली को बधाई दी है और उन्हें भारत आने का निमंत्रण भी दिया है।