आनंदपुर साहिब - पंजाब के ऐतिहासिक धार्मिक तख्त केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानीमल सिंह पर आज पाठी ने तेज हथियार से हमला किया, जिसमें वह जख्मी हो गए। पुलिस के अनुसार यह घटना उस समय हुई, जब जत्थेदार तख्त के मैनेजर के कार्यालय से बाहर निकल कर अपने निवास की ओर जा रहे थे। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अस्थायी पाठी जोगा सिंह (25) ने उन पर हथियार से हमला किया जिससे उनकी जांघ में चोट आयी। जत्थेदार के सुरक्षाकर्मियों ने उसे तत्काल काबू कर लिया।
एसजीपीसी कर्मचारियों ने उसे बुरी तरह पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वरिंदर पाल सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गये। बाद में जत्थेदार ने पत्रकारों को कहा कि हमले की वजह जांच के बाद ही पता चल सकेगी। जहां तक डेरा प्रमुख को माफी का मामला है, उसका फैसला पांचों सिंह साहिबानों ने मिलकर लिया था। सिख संगठनों के विरोध के चलते पांचों सिंह साहिबानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई क्योंकि उन्हें धमकियां मिलने लगी थीं।
शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा घटना की जानकारी मिलते ही आनंदपुर सहिब को रवाना हो गये। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा की है। ज्ञातव्य है कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 2007 डेरा के मुख्यालय सलाबतपुरा में आयोजित एक कार्यक्रम में गुरु गोबिंद सिंह की वेशभूषा की नकल करने के मामले में अकाल तख्त पर गत 24 सितंबर को पांच सिंह साहिबानों ने माफ कर दिया था। डेरा प्रमुख ने कहा था कि वह सिख गुरुओं और धर्मों और पीर पैगंबरों का आदर-सम्मान करते हैं और गुरु गोबिंद सिंह की नकल करने के बारे में सोच भी नहीं सकते।
वह समय आने पर अकाल तख्त जायेंगे। इसके बाद उग्रपंथी तथा सिख संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू किया और पंजाब बंद का भी आह्वान किया। उनका कहना है कि या तो पांचों सिंह साहिबान डेरा प्रमुख को माफी देने के मामले में क्षमा मांगें या फिर पदों से इस्तीफा दें। इस मामले पर सिखों में खासा विरोध है और वे माफी के हक में नहीं है।