काठमांडू - नेपाल में संविधान लागू होने के बाद जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने संसद में अपने इस्तीफे की घोषणा की है। पिछले कई दिनों से नेपाल में संविधान को लेकर भडक़ी हिंसा अब भी जारी है। नया प्रधानमंत्री चुने जाने तक श्री कोईराला कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में काम करते रहेंगे। नेपाली अर्थव्यवस्था की नींव माने जाने वाले सीमावर्ती शहर विराटनगर, रक्सौल, काकड़ भिट्टा आदि जगहों पर पेट्रोलियम पदार्थों से लेकर खाद्य सामग्री तक की किल्लत हो गई।
अब भारत नेपाल की इन सीमा पर भारतीय वाहनों का आना जाना भी बंद हो गया है। इसका खामियाजा नेपाल के गरीब जनता को उठाना पड़ रहा है। नेपाल के कई लोगों का मानना है कि भारत ने नेपाल में जाने वाली अपनी सामाग्री रोक दी। नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रहे आंदोलन की आग में अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 22 सितंबर को हुई हिंसक झड़प में चार लोग पुलिस की गोली से घायल हो गए थे।