चण्डीगढ़, 13 मार्च : पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने यहां कहा कि कांग्रेस पार्टी के विधान कारों ने आज पंजाब विधान सभा में अपने बहुत बुरे रवैया द्वारा देश के लोकतंत्र के माथे पर कंलक लगाया है।
मुख्यमंत्री ने अपने एक बयान में कहा कि कांगे्रसी विधायकों की आज की कार्यवाही ने इस दिन को कौमी श्रम और संसदीय लोकतंत्र के काले दोर के रूप में स्थापित कर दिया है कांग्रेसी विधायकों का रवैया नेता से दंगाई भीड की तरह था जो सभी सभ्यक नियमों को छिकेटांग कर आगजनी ,लूट घसूट और गलियों में ङ्क्षहसा करती है इसी प्रकार इन्होने स्पीकर की कुर्सी पर कब्जा किया,फर्नीचर तोडने स्थित जनतक संपति को तोड फोड करने के साथ साथ पंजाब विधान सभा के वाच एंड वार्ड स्टाफ के सदस्यों पर हमला किया मुझे कांग्रेसी विधायकों के इस व्यवहार से गहरा दुख पहुंचा है।
स. बादल कहा कि सबसे पहले अपरिचित और अनाधिकारित व्यक्तियों को लाकर सुरक्षा की घौर उंलघना की उसके बाद लोकतंत्र की उंची कदरो कीमतों का उंलघन किया इसको अपने लम्बे राजनीतिक जीवन का सबसे दुखदाई दिन और लोकतंत्र पर कंलक करार देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे लिए विश्वास करना भी असंभव है कि वह चुने हुये प्रतिनिधि जो अपने लोगों के प्रवक्ता ने रू प में कार्य करते है और उनके बच्चों के लिए मार्ग दर्शक के रूप में विचरते थे भी गुडागर्दी के ऐसे स्तर तक इस हद तक आ सकते है।
स. बादल ने आगे कहा कि पवित्र सदन में कांगे्रसी विधायकों का यह रवैया सबसे शर्मनाक घटनाओं वाले दिन का शिखर ही था बल्कि अपरिचत और अनाधिकारित व्यक्तियों को विधान सभा कम्पलैक्स में लाने के लिए ऐसे हथकंडे भी प्रयोग किये गये उन्होने कहा कि इस घटना ने न केवल लोकतंत्र के इस मङ्क्षदर की मान मर्यादा को भंग किया बल्कि इसने लोगों के चुने हुये प्रतिनिधियों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्रचिंह लगा दिया। उन्होने कहा कि इसके बाद पंजाब विधान सभा में तैनात वाच एंड वार्ड स्टाफ की बुरी तरह की गई मारपीट इन लोगों द्वारा की ङ्क्षहसा और गुडागर्दी का प्रत्यक्ष प्रमाण था यह हमारी आने वाली पीढियों के लिए कैसी मिसाल कायम कर रहे है। यह बहुत ही निंदा जनक है जिसको शब्दो में बयान नही किया जा सकता । उन्होने कहा कि उनको दुख है कि वाच एंड वार्ड स्टाफ की मारपीट सीनियर कांग्रेसी नेताओं की अध्यक्षता मे हुई जिसमें विरोधी पक्ष के नेता भी शामिल थे। विधान सभा के पवित्र सदन में अपरिचित ओैर अनाधिकारी लोगों को आज के सैंशन में प्रवेश पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुये स. बादल ने कहा कि उन्हें दुख हुआ है कि विरोधी पक्ष के नेता श्री सुनील जाखड जोकि लोकतंत्रीय प्रणाली के एक उच्च और जिम्मेवार पद पर बैठे है ने अनाधिकारित व्यक्तियों की सदन में दाखिले को यकीनी बनाने में सहायता की एक विधायक के रूप में लम्बे समय के अनुभव से श्री जाखड को यह पूरी तरह पता था कि वह किस प्रकार सदन की सुरक्षा और मर्यादा को इस कदम द्वारा खतरे में डाल रहे है। स. बादल ने कहा कि मेरे लम्बे जनतक जीवन दौरान कभी भी ऐसा मौका नही आया जब सदन की मान मर्यादा को बरकरार रखने की संयुक्त जिम्मेवारी रखने वाले किसी व्यक्ति द्वारा ऐसा कांड किया गया हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विरोधी पक्ष के नेता को बहुत उंचा दर्जा देते है और वह उनको अपील करते है कि राज्य में सदभावना का माहौल बनाने के लिए निर्मित भूमिका अदा करे ताकि लोगो की समस्याओं को हल हो सके और राज्य को विकास के राह पर और आगे ले जाया जा सके। पंरतु विरोधी पक्ष के माननीय सदस्यों ने लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को बेइज्जत किया है और राज्य में अनावश्यक और खतरनाक टकराव वाला माहौल बनाया है। स. बादल ने विरोधी पक्ष केा टकराव वाले और हिंसा के इस राह को छोड करे शंातमयी और लोकतंत्रीय ढंग से कार्य करे।