चण्डीगढ़, 12 मार्च : शिक्षा विभाग में अधिकांश कर्मचारी लम्बे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। इन अध्यापकों की यह अनुपस्थिति सरकारी स्कूलों में पढ़ते बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर डालती है। इन अध्यापकों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए ऐसे गैर हाजिर अध्यापकों की सेवाएं समाप्त करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा एक एक्शन प्लान बनाकर कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई अधीन पिछले समय में 212 गैर हाजिर अध्यापकों की सेवाएं शिक्षा विभाग द्वारा समाप्त की दी गई थी और अब शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई क रते हुए 377 अन्य अध्यापकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई है।
शिक्षा मंत्री स. सिकन्दर सिंह मलूका ने कहा कि 377 कर्मचारियों में से 172 मास्टर काडर, 60 लैक्चरार काडर की, 98 ईटीटी काडर, 13 वोकेशनल काडर, 08 सी एण्ड वी काडर, 02 सर्व शिक्षा अभियान के अध्यापक, 09 कम्प्यूटर अध्यापक और 15 दफतरी अमले की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि डी जी एस ई के कार्यालय में एक अलग सैल स्थापित किया गया है जो कि लम्बे समय से गैर हाजिर अध्यापकों के विरूद्ध हो रही कार्रवाई की निगरानी करता है। इस विभाग के पास अब तक लगभग 1600 लम्बे समय से गैर हाजिर अध्यापकों की जानकारी पहुंच चुकी है। जिनके विरूद्ध भिन्न-भिन्न स्तर के अध्यापकों द्वारा कार्रवाई की रही है। यह कार्रवाई शिक्षा सचिव,डी जी एस ई, डी पी आई (सै.सि.),डायरेक्टर प्रशासन, डी पी आई (ए.सि.) और जिला शिक्षा अधिकारियों के स्तर पर की जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने बताया है कि लम्बे समय से गैर हाजिर शिक्षा विभाग के अध्यापकों और कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और शीघ्र ही शेष रहते अध्यापक और कर्मचारियो की सेवाएं समाप्त करने के फैसले ले लिये जाएंगें। उन्होंने आगे बताया कि विदेशों में अनाधिकारित छुट्टियों पर गये कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने में विभाग कोई नरम रवैया नहीं अपनाएगा ताकि वह इन स्कूलों में पढ़ते विद्यार्थियों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न कर सकें।