चंडीगढ़ - अकाल तख्त पर पांच सिंह साहिबान की ओर से डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को माफ किए जाने के मामले में सिख संगठनों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान और दल खालसा सहित उग्रपंथी सिख संगठनों ने इसके विरोध में 30 सितंबर को पंजाब बंद का ऐलान कर दिया और मंगलवार को लुधियाना में इसी मामले में इनकी एक बैठक है, जिसमें आगे रणनीति तय की जाएगी।
पंथिक नेताओं ने तो सिंह साहिबान का सामाजिक बहिष्कार करने की मांग की है। उन्होंने डेरा मुखी को माफी देने के मामले में क्षमायाचना करने की मांग भी की। ज्ञातव्य है कि पंजाब में डेरा मुख्यालय सलाबतपुरा में वर्ष 2007 में सत्संग के दौरान डेरा प्रमुख की पहनी गई पोशाक को लेकर जमकर बवाल हुआ था और सिख तथा डेरा प्रेमियों के बीच झड़पें हुई थीं, जिसकी आग पंजाब तथा आसपास के राज्यों तक फैल गई थी।
सिख संगत ने डेरा प्रमुख की पोशाक को गुरु गोबिंद सिंह की नकल करने की बात कहकर विवाद खड़ा कर दिया था और डेरा प्रमुख का बहिष्कार करने का हुक्मनामा जारी किया था । उसके बाद डेरा तथा सिखों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए। उसके बाद डेरा प्रमुख की पिछले वर्ष आई फिल्म एमएमसजी का पंजाब में विरोध हुआ तथा राज्य सरकार ने इसे रिलीज करने पर रोक लगा दी थी।