चण्डीगढ़, 11 मार्च : लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (पंजाब) के होनहार एवं आवेशपूर्ण छात्रों की टीम इल्यूमिनाटी रेसर्स (Illuminati Racers) ने फॉर्मूला-1 रेसिंग कार आई आर 12 का डिजाइन एवं निर्माण किया है। भारत की पहली बिना ड्राइवर के मोबाइल से चलने वाली कार का निर्माण करने के बाद एलपीयू के छात्रों की यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है। सोसाइटी फॉर ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग (एसएई) की टेक्निकल टीम एवं मारुति सुजुकी के अधिकारियों द्वारा किए गए कड़े परीक्षण के बाद इस कार ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में SUPRA SAE INDIA 2012 Formula-1 टाइटल के तहत भाग लिया। ग्रेटर नोएडा के बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट में आयोजित हुई इस राष्ट्रीय फॉर्मूला 1 रेसिंग प्रतियोगिता में देशभर से करीब 148 संस्थानों ने भाग लिया। इनमें से केवल 65 को चुना गया जिनकी कारें 10 लाख रुपए के बजट से कम में विकसित हुई थीं। एलपीयू की आईआर 12 का स्थान देश की टॉप 30 कारों में रहा।
एलपीयू में एम.टेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) के फाइनल ईयर छात्र राहुल जगवानी एवं अवनीष प्रताप सिंह ने कहाः आईआर 12 की राष्ट्रीय सफलता से उत्साहित होकर हमारी 22 छात्रों की टीम अब आईआर13 के साथ नेब्रासका लिंकन चैंपियनशिप (यूएसए) में भाग लेकर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार है। इस साल जून में होने जा रही एफ1 चैंपियनशिप के लिए भी हमारी टीम का चयन हो चुका है। चूंकि एफ1 में इस्तेमाल होना वाली कारें साधारण कारों से अलग होती हैं इसीलिए हम अपनी कारों में ऐसा सिस्टम लगाने का प्रयास कर रहे हैं जिससे कि कार में कोई समस्या आने पर वह कार में स्क्रीन पर नजर आने लगेगी। हमने पैडल शिफ्ट को स्टीयरिंग पर ही सेट किया है जिससे कि कार चालक अपना समय बचा सके और अपना पूरा ध्यान रेसिंग ट्रैक पर केंद्रित कर सके। साथ ही हमने इस कार में केईआरएस यानी काइनेटिक एनर्जी रिजर्वेशन सिस्टम लगाया है जो कि ऊर्जा को बचाएगा और उसका प्रयोग कार को गति देने में करेगा। हमारी कोशिश है कि हम अपने गुरू की आशओं पर खरे उतरेंगे और न केवल खुद को बल्कि अपने देश के नाम को यूएसए में होने वाली प्रतियोगिता में साबित करेंगे।
छात्रों की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए एलपीयू के चांसलर श्री अशोक मित्तल ने कहाः एफएसएई नेब्रासका लिंकन चैंपियनशिप विश्व की सबसे बड़ी एफ1 रेसिंग प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है और इस प्रतियोगिता में हमारी .यूनिवर्सिटी के छात्रों का चुनाव होने हमारे लिए न केवल अभूतपूर्व हर्ष अपितु गर्व की भी बात है। हमारा उद्देश्य है कि हम छात्रों के हुनर के अनुसार उन्हें प्लेटफॉर्म मुहैया करा सकें और उनके करियर को दिशा दे सकें। नेशनल रेसिंग कार आईआर 12 का विकास इस बात का प्रमाण है कि इन छात्रों में कितना टैलेंट है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये छात्र अपनी मेहनत, लगन और अथक प्रयास के जरिए आने वाले समय कई और जगह हमारी विजय का परचम लहराएंगे।
यह प्रतियोगिता छात्रों को करियर एवं उत्कृष्टता के क्षेत्र में प्रोत्साहन देती है क्योंकि इस प्रतियोगिता में उन्हें रीसर्च, डिजाइन, निर्माण, टेस्टिंग, विकास, विपणन, प्रबंधन और पूंजी से जुड़ी बारीकियों के बारे में भी जानकारी दी जाती है। एसएई छात्रों को कक्षा से बाहर आकर कितबों में पढ़े गए ज्ञान को वास्तविक मशीनों एवं कारों पर लागू करने का मौका मिलता है।
फॉर्मूला1 कार एक सिंगल सीट कार होती है जिसका कॉकपिट खुला होता है इस ओपन व्हील कार में अगले और पिछले विंग होते हैं। इसका इंजन चालक की पिछली तरफ होता है। इस प्रतियोगिता में लागू होने वाले नियम अनोख होते हैं। इस प्रतियोगिता का नियम है कि रेसिंग कार का निर्माण रेसिंग टीम द्वारा ही होना चाहिए हालांकि इसका डिजाइन बाहर से लिया जा सकता है।